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धन ही नहीं, धर्म की कमाई का भी हो प्रयास : युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमण

करीब 15 किमी विहार कर शांतिदूत पहुंचे झूंठा गांव
पाली को पावन कर ब्यावर जिले में किया मंगल प्रवेश
झूंठा रायपुर ब्यावर - सर्द मौसम में जहां सामान्य जन जीवन की गतिविधियों को सीमित कर रहा है, वहीं मानवता के कल्याण, नैतिकता, सद्भावना एवं नशामुक्ति का संदेश जन-जन तक पहुंचाने हेतु जैन श्वेताम्बर तेरापंथ धर्मसंघ के ग्यारहवें अनुशास्ता, अहिंसा यात्रा के प्रणेता युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमणजी निरंतर विहाररत हैं।
बुधवार प्रातः आचार्यश्री महाश्रमणजी अपनी धवल सेना के साथ चंडावल से विहार कर लगभग 15 किलोमीटर की पदयात्रा के उपरांत ब्यावर जिले के झूंठा गांव पहुंचे। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं ने दर्शन कर मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया। दोपहर लगभग एक बजे आचार्यश्री श्री पार्श्वनाथ चिंतामणि मंदिर परिसर पहुंचे, जहां श्रद्धाभाव के साथ स्वागत किया गया।
राग-द्वेष से बचने का संदेश
मंगल प्रवचन में आचार्यश्री ने कहा कि राग और द्वेष कर्मों के बीज हैं तथा पाप कर्मों के बंधन में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। वीतराग पुरुष राग-द्वेष से मुक्त होते हैं, जबकि सामान्य व्यक्ति राग या द्वेष के प्रभाव में अपराध की ओर प्रवृत्त हो जाता है।
वर्ष 2025 के अंतिम दिवस पर आत्ममंथन का संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि धन की कमाई जीवन के साथ नहीं जाती, लेकिन धर्म की कमाई आत्मा के साथ आगे जाती है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को धन के साथ-साथ धर्म की कमाई का भी प्रयास करना चाहिए।
आचार्यश्री ने श्रावकों से प्रतिदिन सामायिक, मास में उपवास, स्वाध्याय, ध्यान एवं आध्यात्मिक सेवा का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जैसे धन का हिसाब रखा जाता है, वैसे ही धर्म का भी हिसाब होना चाहिए। पाप होने पर प्रायश्चित द्वारा आत्मशुद्धि संभव है। आत्मा अमर है, अतः आत्मकल्याण हेतु जागरूक प्रयास आवश्यक हैं।
कार्यक्रम में जैन संघ अध्यक्ष पारसमल गादिया ने स्वागत उद्बोधन दिया। मुकनचंद बोहरा सहित अन्य श्रद्धालुओं ने भक्ति गीतों की प्रस्तुति दी। इस अवसर पर संघ पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहेकार्यक्रम में जैन संघ अध्यक्ष पारसमल गादिया, संघ मंत्री नवरत्न गादिया, कोषाध्यक्ष संघ अशोक चोपड़ा, पूर्व उप जिला प्रमुख गणपत राज बोहरा, शांतिलाल चोपड़ा, संपत राज चोपड़ा, मुकंन राज बोहरा, भागचंद जैन, विनोद बोहरा, कमलेश बोहरा, अजीत मेहता, करण जैन, अजय बोहरा, सुनील बोहरा, अमित बोहरा, यश बोहरा, गणपत राज चोपड़ा एवं प्रकाश गादिया सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। भक्ति गीतों की प्रस्तुति से वातावरण आध्यात्मिक बन गया

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