
शाजापुर में 'जैविक शंखनाद': बिचौलियों का साम्राज्य ध्वस्त, अब किसान बनेगा खुद का 'भाग्यविधाता'!
शाजापुर/मध्य प्रदेश/31 दिसंबर 2025। मालवा की उपजाऊ माटी अब केवल अन्न ही नहीं, बल्कि 'समृद्धि' भी उगलेगी। शाजापुर जिले में खेती-किसानी के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। कलेक्टर सुश्री बाफनाजी के मार्गदर्शन, DDA श्री रामलाल जामरेजी के अनुभव और कृषि विज्ञान केंद्र के डॉ. अंबावतीयाजी की प्रेरणा से 'आरोग्य समाधान फूड प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड' ने एक ऐसी क्रांति की नींव रखी है,
42 गांवों का संकल्प: अब पसीने की कमाई पर डाका नहीं!
हाल ही में 42 गांवों के व्यापक सर्वे के बाद आयोजित ' किसान बैठक' में अन्नदाताओं ने अपनी तकदीर का फैसला खुद करने का संकल्प लिया। इस महापंचायत में क्षेत्र के दिग्गज किसान प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिनमें मोहन लाल जी राठौर (कपालिया), देवेन्द्र परमार (मडुघाट), अरुण कुमार सोनिया, राकेश परमार समेत कई प्रगतिशील नाम शामिल रहे।
💥 'आरोग्य समाधान' की 4 बड़ी हुंकार: जिससे बदलेगी खेती की सूरत
मिशन क्या होगा बदलाव?
खेत से सीधा बाजार मंडियों के चक्कर खत्म! अब किसान के द्वार से सीधे उपज की खरीदी होगी।
बिचौलियों का अंत किसान और ग्राहक के बीच कोई 'तीसरा' नहीं। पूरा मुनाफा सीधे किसान के खाते में।
प्रीमियम दाम जैविक खेती (विशेषकर सब्जियां) करने वालों को मिलेगा बाजार से कहीं बेहतर और सम्मानजनक मूल्य।
खेत पर विशेषज्ञ समस्या किसान की, समाधान एक्सपर्ट का! मौके पर ही मिलेगा तकनीकी मार्गदर्शन।
किसान नहीं, अब 'उद्यमी' बनेगा शाजापुर का अन्नदाता
संस्था के प्रबंधन ने स्पष्ट विजन साझा करते हुए कहा कि उनका लक्ष्य केवल व्यापार करना नहीं, बल्कि शाजापुर के हर किसान को एक उद्यमी (Entrepreneur) बनाना है। सर्वे में यह कड़वा सच सामने आया था कि कड़ी मेहनत के बावजूद मुनाफा बिचौलिए खा रहे थे, लेकिन अब 'आरोग्य समाधान' की यह पहल 'Local for Global' के सपने को साकार करेगी।
इन नायकों ने बुलंद की आवाज
बैठक में मोहन लाल जी राठौर कपालिया ,देवेन्द्र परमार (मडुघाट) शुजालपुर ,अरुण कुमार सोनिया अरनियाकँला ,राकेश परमार मिसेर शुजालपुर , हरिओम परमार पोचनेर शुजालपुर ,मानसिंह परमार पोचनेर शुजालपुर ,मनोज पाटीदार शाजापुर सतगाँव ,विरेन्द्र सिंह राजपूत दुहानी , राहुल पाटीदार सतगाँव ,प्रशांत पाटीदार सतगाँव ,रमेश चन्द्र अमृतिया रंथभँवर , जितेन्द्र अमृतिया रंथभँवर ,राजेन्द्र सिंह राजपूत छापीहेड़ा जैसे जागरूक किसानों ने इस 'जैविक क्रांति' को घर-घर पहुँचाने का जिम्मा उठाया है।
"जब किसान सशक्त होगा, तभी देश आरोग्य बनेगा।"
यह केवल एक नारा नहीं, बल्कि शाजापुर की धरती पर शुरू हुए एक नए आर्थिक आंदोलन की हकीकत है।
आगे की राह:
आगामी सीजन में जैविक खेती का रकबा बढ़ाने के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे। महापंचायत से निकले किसानों के चेहरों की चमक बता रही है कि मालवा की मिट्टी अब वाकई 'सोना' उगलने को तैयार है।