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हज़रत अली का यौमे-विलादत पर सजी जश्ने मौलाए कायनात की महफिल

सम्भल। ग्राम सैफ खां सराय, सम्भल में इस्लाम के चौथे खलीफा और पैगंबर मोहम्मद ﷺ के दामाद हज़रत अली अलैहिस्सलाम की विलादत (13 रजब) के अवसर पर रविवार को भव्य महफिल ‘जश्ने मौलाए कायनात’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन ऑल इंडिया उलेमा व मिसाइल बोर्ड, सम्भल यूनिट की ओर से मोहल्ला सैफ खां सराय में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने शिरकत की।
महफिल की शुरुआत कुरआन की तिलावत से हुई। इस दौरान उलेमा-ए-कराम ने हज़रत अली के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे दुनिया की एकमात्र ऐसी शख्सियत हैं जिनका जन्म खान-ए-काबा के भीतर हुआ। वक्ताओं ने उनकी बहादुरी, वफादारी, इल्म और इंसाफ पसंद शासन को इस्लामी इतिहास की अमूल्य धरोहर बताया।
उलेमा ने कहा कि हज़रत अली का जीवन आज भी समाज को सच्चाई, समानता और इंसाफ के रास्ते पर चलने की प्रेरणा देता है। महफिल के दौरान मौला अली की शान में मनकबत और नअत पेश की गईं, जिससे माहौल रूहानी हो गया।
इस मौके पर चंदौसी से आए कारी शान मोहम्मद, कमर हुसैन, कारी अमीर कमलापुरी, कारी शमीम अहमद अशरफी, सलमान रागिब, हाफिज जुबेर, कारी सखावत, तौफीक सहित कई उलेमा और अकीदतमंद मौजूद रहे। अंत में मुल्क में अमन-चैन और भाईचारे के लिए दुआ की गई।

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