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पाँच डिग्री की कड़ाके की ठंड भी किसानों के हौसले नहीं तोड़ सकी

मल्ला वाला (सोनू अटवाल)हरिके हेडवर्क्स पर तीसरे दिन भी जारी रहा धरना, सरकारी वादों से निराश किसान
मल्लांवाला विशेष, 03 जनवरी | राजिंदर कुमार दूआ
बाढ़ पीड़ित किसान संघर्ष समिति एवं अन्य संघर्षशील किसान संगठनों द्वारा हरिके हेडवर्क्स पर लगाया गया धरना शुक्रवार को तीसरे दिन भी पूरी मजबूती के साथ जारी रहा। कड़ाके की ठंड और शीत लहर के बावजूद, जब तापमान करीब पांच डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, बाढ़ से प्रभावित किसान अपने हक के मुआवजे की मांग को लेकर डटे रहे।
किसानों का आरोप है कि सरकार द्वारा बाढ़ के दौरान हुए भारी नुकसान के लिए घोषित मुआवजा अब तक जमीनी स्तर पर नहीं पहुंचा है। सरकारी लापरवाही और उदासीन रवैये के चलते किसान मजबूरन इस भीषण ठंड में धरने पर बैठने को विवश हैं।
प्रशासन की ओर से किसान नेताओं को यह भरोसा दिलाया गया है कि चंडीगढ़ में प्रमुख सचिव के साथ बैठक करवाई जाएगी, लेकिन किसानों ने स्पष्ट कर दिया है कि अब केवल आश्वासनों से बात नहीं बनेगी। किसान संगठनों की बैठक के बाद यह फैसला लिया गया कि सरकार से बातचीत होने के बावजूद धरना लगातार जारी रहेगा।
संघर्ष के तहत मंच लगातार चलते रहेंगे। 70 किसान हरिके हेडवर्क्स पर डटे रहेंगे, जबकि 31 किसान शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगों को लेकर भूख हड़ताल जारी रखेंगे। किसानों ने दो टूक शब्दों में कहा कि जब तक बाढ़ पीड़ितों को पूरा और न्यायोचित मुआवजा नहीं मिलता, तब तक संघर्ष को और तेज किया जाएगा।
इस मौके पर बाढ़ पीड़ित किसान संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष जसबीर सिंह, सतनाम सिंह, सुखदेव सिंह, मेजर सिंह भिखीविंड और सोहन सिंह सबरावां सहित कई अन्य किसान नेता मौजूद रहे। नेताओं ने सरकार को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र ही किसानों की जायज मांगें पूरी नहीं की गईं तो आंदोलन को राज्य स्तर पर फैलाया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

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