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❄️ शीतलहर का प्रभाव और अलर्ट बिहार में मकर संक्रांति (14 जनवरी 2026) तक शीतलहर और ठंड का प्रभाव जारी रहने की संभावना है।

बिहार में इन दिनों कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का कहर लगातार जारी है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। मौसम विभाग ने पटना समेत राज्य के कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। ठिठुरन भरी ठंड, बर्फीली हवाएं और बेहद कम दृश्यता के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक मौसम की यही स्थिति बने रहने की संभावना है और ठंड से तत्काल राहत के आसार कम हैं।
वर्तमान स्थिति पर नजर डालें तो राज्य के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया है। छपरा में न्यूनतम तापमान 8.2 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया है, जबकि अधिकतम तापमान भी 14 से 19 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। धूप के अभाव में दिन के समय भी कंपकंपाने वाली ठंड महसूस की जा रही है। पटना, गया, मुजफ्फरपुर सहित कई बड़े शहरों में ‘कोल्ड डे’ की स्थिति बनी हुई है, जहां सूरज के दर्शन नहीं हो पा रहे हैं।
सुबह और देर रात घना कोहरा छाया रहता है, जिससे दृश्यता घटकर 50 से 100 मीटर तक रह गई है। इसका सीधा असर सड़क, रेल और हवाई यातायात पर पड़ा है। कई ट्रेनों के परिचालन में देरी हो रही है, वहीं सड़कों पर वाहन चालकों को फॉग लाइट जलाकर बेहद सावधानी से चलना पड़ रहा है। शीतलहर और बर्फीली हवाओं के कारण खुले में काम करने वाले मजदूरों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
मौसम विभाग के अनुसार यह स्थिति पश्चिमी विक्षोभ और पहाड़ी इलाकों में हो रही बर्फबारी के कारण बनी हुई है। लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। बुजुर्गों, बच्चों और बीमार व्यक्तियों को घर में रहने, गर्म कपड़े पहनने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है।❄️ शीतलहर का प्रभाव और अलर्ट
बिहार में मकर संक्रांति (14 जनवरी 2026) तक शीतलहर और ठंड का प्रभाव जारी रहने की संभावना है। अभी तक राहत नहीं मिलने का अनुमान है। �

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