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नानपारा सीएचसी में हृदय रोग विशेषज्ञ नहीं, इलाज के अभाव में 35 वर्षीय युवक की मौत नानपारा (बहराइच)।

उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी और पुरानी तहसीलों में शामिल नानपारा में स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली एक बार फिर सामने आई है। नानपारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में हृदय रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति न होने के कारण एक और कीमती जान चली गई।
हाल ही में नानपारा निवासी आमाश खान (उम्र 35 वर्ष) को अचानक सीने में तेज दर्द की शिकायत हुई। परिजनों के अनुसार सीएचसी नानपारा में कार्डियोलॉजिस्ट और जरूरी हृदय जांच सुविधाएं उपलब्ध न होने के चलते डॉक्टरों ने उन्हें बहराइच जिला अस्पताल रेफर कर दिया। लेकिन दुर्भाग्यवश बहराइच ले जाते समय रास्ते में ही आमाश खान की हार्ट अटैक से मौत हो गई।
यह घटना नानपारा क्षेत्र में कोई पहली नहीं है। तहसील के अंतर्गत सैकड़ों गांव और सीमावर्ती इलाके आते हैं, जहां की आबादी लाखों में है। इसके बावजूद तहसील स्तरीय स्वास्थ्य केंद्र में आज तक हृदय रोग विशेषज्ञ, ईसीजी, इको जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। आपात स्थिति में मरीजों को लंबी दूरी तय कर जिला या बड़े शहरों की ओर भेजा जाता है, जिससे समय पर इलाज नहीं मिल पाता।
स्थानीय लोगों में इस घटना के बाद गहरा आक्रोश है। लोगों का कहना है कि अगर नानपारा सीएचसी में हृदय रोग विशेषज्ञ और आपातकालीन सुविधाएं होतीं, तो शायद आमाश खान की जान बचाई जा सकती थी। यह मामला सीधे तौर पर स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही की ओर इशारा करता है।
क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि
सीएचसी नानपारा में तत्काल कार्डियोलॉजिस्ट की तैनाती की जाए,
हृदय रोग से जुड़ी आपातकालीन जांच व इलाज की सुविधाएं शुरू की जाएं,
और सीएचसी को उप-जिला अस्पताल के रूप में विकसित किया जाए।
अब सवाल यह उठता है कि क्या स्वास्थ्य विभाग इस दर्दनाक घटना से सबक लेगा, या नानपारा की जनता को यूं ही बेहतर इलाज के अभाव में अपनों को खोते रहना पड़ेगा।

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