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श्रीराम कॉलेज में “समागम” एलुमनाई मीट–2026 का भव्य एवं ऐतिहासिक आयोजन

खतौली। श्रीराम कॉलेज के खेल प्रांगण एवं मुख्य सभागार में “समागम” नाम से एलुमनाई मीट–2026 का भव्य एवं ऐतिहासिक आयोजन किया गया। इस आयोजन में महाविद्यालय के वर्ष 2004 से लेकर वर्तमान तक के लगभग 1020 पूर्व विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया, जो आज देश-विदेश में विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों, औद्योगिक, शैक्षणिक, प्रशासनिक, तकनीकी, चिकित्सा, विधि, मीडिया एवं प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में कार्यरत हैं और अपने महाविद्यालय का नाम राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित कर रहे हैं। इस एलुमनाई मीट का मुख्य उद्देश्य पूर्व एवं वर्तमान विद्यार्थियों के मध्य संवाद स्थापित करना, अनुभवों का आदान-प्रदान करना तथा विद्यार्थियों को शिक्षा, कौशल एवं रोजगार के नए अवसरों से परिचित कराना रहा। कार्यक्रम को दो प्रमुख सत्रों में विभाजित किया गया, जिसमें प्रथम सत्र परिचय एवं अनुभव साझा करने का रहा, जबकि द्वितीय सत्र तकनीकी एवं करियर मार्गदर्शन पर केंद्रित रहा। कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्वलन के साथ किया गया, जिसमें श्रीराम ग्रुप ऑफ कॉलेजेज के चेयरमैन, कॉलेज निदेशक, प्राचार्य, उप-प्राचार्य, डीन एकेडमिक्स, डीन मैनेजमेंट एवं सभी पूर्व विद्यार्थियों ने संयुक्त रूप से सहभागिता की। दीप प्रज्वलन के साथ ही पूरे परिसर में उत्साह, गर्व एवं आत्मीयता का वातावरण देखने को मिला। एलुमनाई मीट के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भव्य श्रृंखला भी प्रस्तुत की गई, जिसने कार्यक्रम को यादगार बना दिया। कार्यक्रम की शुरुआत पॉलिटेक्निक विभाग के छात्र-छात्राओं द्वारा पारंपरिक गणेश वंदना से की गई, जिसने आयोजन को आध्यात्मिक गरिमा प्रदान की। इसके पश्चात वाणिज्य विभाग के विद्यार्थियों ने “घूमर-घूमर” गीत पर राजस्थानी लोकनृत्य प्रस्तुत कर उपस्थित पूर्व विद्यार्थियों को भावविभोर कर दिया। पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग की छात्राओं ने गुजराती संस्कृति पर आधारित लोकनृत्य “उड़ी-उड़ी जाए दिल की पतंग” प्रस्तुत कर सांस्कृतिक विविधता का जीवंत प्रदर्शन किया। बायोसाइंस विभाग के छात्र अकदस ने “वो लड़की जो सबसे अलग है” गीत प्रस्तुत कर अपनी गायन प्रतिभा से सभी का मन मोह लिया। बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन विभाग के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत ऊर्जावान पंजाबी नृत्य ने पूरे प्रांगण को उत्साह से भर दिया। इसके बाद क्रिस्टल वर्मा ने बॉलीवुड गीतों पर विशेष सोलो डांस प्रस्तुति दी, जबकि कम्प्यूटर एप्लीकेशन विभाग की छात्रा वंशिका ने सोलो डांस के माध्यम से अपनी कला का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। इसके उपरांत विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों द्वारा “राधा-कृष्ण होली” थीम पर आधारित नृत्य नाटिका प्रस्तुत की गई, जिसने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग द्वारा “झांसी की रानी” विषय पर आधारित म्यूजिकल एक्ट प्रस्तुत किया गया, जिसने दर्शकों को देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत कर दिया। श्रीराम कॉलेज ऑफ लॉ के विद्यार्थियों ने “सीता स्वयंवर” नाटिका प्रस्तुत कर सांस्कृतिक मूल्यों को सजीव किया। ललित कला विभाग के विद्यार्थियों द्वारा “भीम प्रतिज्ञा” थीम पर समूह नृत्य प्रस्तुत किया गया, जिसने दर्शकों को भारतीय महाकाव्य परंपरा से जोड़ा। फार्मेसी विभाग के विद्यार्थियों ने नारी सशक्तिकरण पर आधारित “वो शक्ति है” म्यूजिकल एक्ट प्रस्तुत कर समाज में महिला शक्ति के महत्व को रेखांकित किया। वहीं, कम्प्यूटर एप्लीकेशन विभाग के विद्यार्थियों ने “प्रतिशोध” थीम पर “रक्त चरित” गीत पर आधारित नृत्य नाट्य प्रस्तुत कर दर्शकों को भावविभोर कर दिया। एलुमनाई मीट के प्रथम सत्र में पूर्व विद्यार्थियों ने मंच पर आकर अपने-अपने कार्यक्षेत्र का परिचय दिया और यह साझा किया कि किस प्रकार महाविद्यालय में प्राप्त शिक्षा, अनुशासन, संस्कार और मार्गदर्शन ने उन्हें अपने करियर में सफलता प्राप्त करने में सहायता की। उन्होंने कॉलेज जीवन की स्मृतियों को साझा करते हुए कहा कि आज भी कॉलेज से सीखी गई सीख उनके पेशेवर जीवन में मार्गदर्शक की भूमिका निभा रही है। पूर्व विद्यार्थियों ने वर्तमान विद्यार्थियों को आश्वस्त किया कि वे शिक्षा, प्रशिक्षण, इंटर्नशिप, मार्गदर्शन एवं रोजगार के क्षेत्र में हर संभव सहयोग प्रदान करेंगे। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए महाविद्यालय स्तर पर पूर्व विद्यार्थियों की एक समर्पित समिति के गठन की घोषणा भी की गई। द्वितीय सत्र तकनीकी सत्र रहा, जिसमें विभिन्न विभागों से जुड़े पूर्व विद्यार्थियों ने वर्तमान छात्रों एवं प्रवक्ताओं के साथ संवाद स्थापित किया। इस सत्र में करियर निर्माण, तकनीकी दक्षता, व्यावसायिक कौशल, नेतृत्व क्षमता, नवाचार, उद्यमिता एवं वैश्विक प्रतिस्पर्धा जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। पूर्व विद्यार्थियों ने विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ व्यवहारिक कौशल विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि ने कहा कि आज के युग में केवल अकादमिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि व्यवहारिकता, संवाद कौशल और टीमवर्क भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। एलुमनाई मीट जैसे आयोजन विद्यार्थियों को इन गुणों के विकास के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा कि अपने पूर्व विद्यार्थियों को उच्च पदों पर कार्यरत देखना किसी भी शैक्षणिक संस्था के लिए गर्व का विषय है। प्राचार्य ने अपने संबोधन में कहा कि श्रीराम कॉलेज द्वारा पूर्व एवं वर्तमान विद्यार्थियों को जोड़ने की जो पहल वर्षों पूर्व आरंभ की गई थी, वह आज एक सशक्त मंच का रूप ले चुकी है। यह मंच भविष्य में शिक्षा, शोध, उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में नए अवसरों का सृजन करेगा। कॉलेज निदेशक ने सभी पूर्व विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि महाविद्यालय सदैव अपने पूर्व छात्रों के सहयोग और मार्गदर्शन की अपेक्षा करता रहेगा। इस एलुमनाई मीट में उपस्थित पूर्व विद्यार्थियों ने एक स्वर में कहा कि श्रीराम कॉलेज केवल एक शिक्षण संस्था नहीं, बल्कि उनका परिवार है, जहां से उन्होंने शिक्षा के साथ जीवन मूल्य और संस्कार प्राप्त किए। कार्यक्रम को सफल बनाने में महाविद्यालय प्रशासन, सभी डीन, विभागाध्यक्ष, प्रवक्ता, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राओं का उल्लेखनीय योगदान रहा।

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