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सरकारी ड्यूटी के दौरान महिला परिचालक के साथ मारपीट, अभद्रता, छेड़छाड़, महिला सम्मान भंग एवं सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न किए जाने के संबंध में अभियोग

प्रार्थिनी सुष्मिता चंद्रा पद - नियमित परिचालक उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम, अवध डिपो की नियमित परिचालक है। दिनांक 07.01.2026 को प्रार्थिनी प्रतिदिन की भाँति पूर्ण निष्ठा एवं जिम्मेदारी के साथ अपनी सरकारी ड्यूटी का निर्वहन करते हुए केसरबाग-सीतापुर मार्ग पर बस संख्या UP34T-9464 में परिचालक के रूप में कार्यरत थी तथा यात्रियों को टिकट निर्गत कर रही थी। इसी दौरान बस में यात्रा कर रहे कुछ सज्जन यात्रियों द्वारा प्रार्थिनी को अवगत कराया गया कि बस की पीछे वाली सीटों पर बैठे दो पुरुष यात्री खुलेआम नशे का सेवन कर रहे हैं तथा यात्रियों द्वारा मना किए जाने पर भी उनके साथ अशोभनीय एवं अमर्यादित व्यवहार कर रहे हैं। यात्रियों की सुरक्षा तथा अपने कर्तव्य को सर्वोपरि मानते हुए प्रार्थिनी ने अत्यंत संयम, शालीनता एवं विनम्रता के साथ दोनों यात्रियों को नशा न करने हेतु समझाने का प्रयास किया। किन्तु प्रार्थिनी की यह शालीनता आरोपियों को स्वीकार नहीं हुई। दोनों यात्री उग्र हो गए और प्रार्थिनी के साथ अश्लील, अपमानजनक एवं महिला गरिमा को ठेस पहुँचाने वाले शब्दों का प्रयोग करने लगे। इतना ही नहीं, आरोपियों द्वारा गलत नीयत से प्रार्थिनी के निजी अंगों को स्पर्श कर छेड़छाड़ की गई। जब प्रार्थिनी ने साहसपूर्वक इसका विरोध किया, तो दोनों आरोपियों ने प्रार्थिनी के साथ मारपीट प्रारंभ कर दी, जिससे उसे शारीरिक चोट पहुँची तथा गहरा मानसिक आघात भी सहना पड़ा। इस अमानवीय घटना से बस में भय और अफरा-तफरी का माहौल उत्पन्न हो गया तथा सरकारी कार्य बुरी तरह बाधित हुआ। यह क्षण प्रार्थिनी के लिए अत्यंत अपमानजनक, पीड़ादायक एवं असहनीय था।

घटना के पश्चात दोनों आरोपी मौके से भागने का प्रयास करने लगे, जिनमें से एक आरोपी फरार हो गया, जबकि दूसरे आरोपी को यात्रियों की सजगता से पकड़कर थाना सिंधौली लाया गया। पकड़े गए आरोपी ने अपना नाम अखंडराज पुत्र सुखाराम भार्गव, निवासी ग्राम मझिगवां कलां, थाना- रामपुर करना, जनपद सीतापुर बताया।

महोदय, उपरोक्त घटना केवल एक व्यक्ति के साथ किया गया अपराध नहीं है, बल्कि यह एक महिला सरकारी कर्मचारी के सम्मान, सुरक्षा और आत्मसम्मान पर किया गया सीधा प्रहार है। सार्वजनिक स्थल पर ड्यूटी निभा रही महिला के साथ इस प्रकार की छेड़छाड़, मारपीट एवं अभद्रता न केवल कानून-व्यवस्था को चुनौती देती है, बल्कि समाज की संवेदनशीलता पर भी प्रश्नचिह्न लगाती है।

अतः श्रीमान जी से करबद्ध प्रार्थना है कि प्रार्थिनी की व्यथा, पीड़ा एवं उपरोक्त तथ्यों को दृष्टिगत रखते हुए पकड़े गए आरोपी तथा फरार अज्ञात यात्री के विरुद्ध सुसंगत विधिक धाराओं में प्राथमिकी (FIR) पंजीकृत कर न्यायोचित, निष्पक्ष एवं कठोर कानूनी कार्यवाही किए जाने की कृपा करें, ताकि प्रार्थिनी को न्याय मिल सके और भविष्य में किसी अन्य महिला के साथ ऐसी अमानवीय घटना न घटित हो। सुष्मिता चंद्रा पद - नियमित परिचालक डिपो - अवध डिपो, उ०प्र० परिवहन निगम लखनऊ क्षेत्र

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