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जनगणना: देश की जनसंख्या का आईना

मेड़ता नागौर।
देश में जनगणना को लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रिया माना जाता है। जनगणना के माध्यम से देश की कुल जनसंख्या, आयु-वर्ग, शिक्षा, रोजगार, आवास और सामाजिक-आर्थिक स्थिति से जुड़ा विस्तृत डाटा एकत्र किया जाता है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार आगामी जनगणना की तैयारियों पर विचार किया जा रहा है। जनगणना से प्राप्त आंकड़े नीति निर्माण, संसाधनों के न्यायसंगत वितरण तथा विकास योजनाओं की रूपरेखा तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति जानने में भी यह प्रक्रिया अत्यंत उपयोगी होती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अद्यतन जनसंख्या आंकड़े स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और बुनियादी ढांचे से जुड़ी योजनाओं को अधिक प्रभावी बना सकते हैं। पिछली जनगणना के आंकड़ों के आधार पर कई सामाजिक योजनाएँ लागू की गई थीं।
प्रशासन की ओर से यह अपील की जाती है कि जब भी जनगणना प्रक्रिया शुरू हो, नागरिक सही और पूर्ण जानकारी प्रदान करें, ताकि देश के विकास की दिशा को मजबूती मिल सके।

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