
डीसी राहुल नरवाल ने समाधान शिविर में गंभीरता से शिकायतें सुनते हुए जनसमस्याओं का प्राथमिकता से संबंधित अधिकारी समाधान करें।
हरियाणा, जिला हांसी, *गांव मोहला में गली निर्माण में घटिया सामग्री प्रयुक्त करने की शिकायत पर जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश देते हुए डी. सी. राहुल नरवाल ने जिला सचिवालय परिसर में समाधान शिविर का नेतृत्व करते शिविर में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में आमजन की शिकायतें एवं समस्याएं सुनी गईं। डीसी ने शिविर में पहुंची प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि समाधान शिविर में प्राप्त सभी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए।
डीसी राहुल नरवाल ने कहा कि समाधान शिविर आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य आमजन की समस्याओं का मौके पर समाधान करना है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक समस्या की जड़ तक जाकर समाधान करें, ताकि भविष्य में वह समस्या दोबारा उत्पन्न न हो। यदि किसी समस्या के समाधान के लिए अन्य विभागों के सहयोग की आवश्यकता हो तो आपसी समन्वय स्थापित कर तुरंत कार्यवाही की जाए।
शिविर के दौरान गांव मोहला निवासी द्वारा गली निर्माण कार्य में घटिया निर्माण सामग्री का प्रयोग किए जाने की शिकायत प्रस्तुत की गई। डीसी ने इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पूरे मामले की जांच का जिम्मा एसडीएम राजेश खोथ को सौंपते हुए शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
इसी प्रकार संध्या पत्नी शिवकुमार ने शिकायत दी कि सीवरेज वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के ओवरफ्लो होने से उनकी सब्जी की फसल तथा अमरूद के पौधे खराब हो रहे हैं। डीसी ने संबंधित विभाग के कार्यकारी अभियंता को तुरंत मौके पर जाकर निरीक्षण करने और विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि समस्या का जल्द समाधान किया जा सके।
समाधान शिविर में ढाणी पाल निवासी हरपाल ने अपने दो बच्चों की दिव्यांग पेंशन बनवाने, हांसी निवासी सुरेश कुमार ने परिवार पहचान पत्र में जन्मतिथि दुरुस्त करवाने, गांव कुम्भा निवासी कैलाश देवी व गांव देपल निवासी अनारो देवी ने वृद्धावस्था पेंशन, राशन कार्ड तथा परिवार पहचान पत्र में आय संशोधन से संबंधित समस्याएं रखीं। डीसी ने सभी मामलों में संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश देते हुए कई मामलों में समय-सीमा भी निर्धारित की।