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फाइनेंस कंपनीयों की प्रताड़ना से तंग आकर घोटी निवासी निखिल बल्कि, सावनेर निवासी नसीर शेख ने की आत्महत्या

फाइनेंस कंपनीयों की प्रताड़ना से दों ने की आत्महत्या

अब तक नहीं हुई कोई कार्यवाही

एक घोटी तो एक सावनेर मे हुई घटना

सौसर :- क्षेत्र मे इन दिनों फाइनेंस कंपनीयों का बोल बाला चरम सीमा पर है गांव गांव घूम कर फाइनेंस कंपनीयों द्वारा लोन बाटा जा रहा है.
यदि इच्छुक व्यक्ति लोन सीधे फाइनेंस कंपनी के माध्यम से लेता है और सीधे फाइनेंस कंपनी मे जमा करता है तो उस खाता धारक के लोन मे किसी भी प्रकार का कोई फाल्ट नहीं होता है.
इन दिनों फाइनेंस कंपनीयों के साथ मिल कर कुछ बिचोलियो द्वारा लोन बाटने का काम किया जा रहा जिससे लोन लेने वालो पर अतिरिक्त भार आने लगा है चुंकि अधिकतर मामले मे ऐसा सामने आया है की जब बिचोलियो के माध्यम से लोगो द्वारा पर्सनल, बिजनेस, होम लोन लिया गया तो इसमें बहुत से शुल्क लगे है इसके अलावा लोन धारक द्वारा किश्त फाइनेंस कंपनी के खाते मे जमा नहीं करते हुए सीधे फाइनेंस कंपनीयों से सम्बन्ध रखने वाले बिचोलियों के हाथो मे दी गयी तो उनके द्वारा राशि फाइनेंस कंपनीयों को जमा ही नहीं की गयी जिसके कारण भी लोन धारक पर अतिरिक्त बोझ आने लगा है.
ऐसे ही अब तक इस शुरूआती साल के पहले जनवरी माह के पहले सप्ताह मे दो अलग अलग मामले सामने आये है.

*पहला मामला घोटी सौसर का*
हिंदुजा फाइनेंस कंपनी द्वारा घोटी निवासी एक युवक को लोन दिया गया जिसने फाइनेंस कंपनी प्रताड़ना के कारण जहर पी कर आत्महत्या की गयी.
प्राप्त जानकारी के अनुसार घोटी निवासी निखिल सेवाराम बल्कि द्वारा हिंदुजा फाइनेंस कंपनी से 5 लाख रूपये का लोन लिया गया था लेकिन उसके खाते मे मात्र 3 लाख रूपये ही आये और जब रिकवरी टीम आयी तो पता चला की उसके तरफ 12 लाख रूपये बकाया है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार फाइनेंस कम्पनी की प्रताड़ना से ही उसने आत्महत्या जैसा कदम उठाया लेकिन अब तक फाइनेंस कंपनी के खिलाफ किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं देखने को मिली.

*सावनेर मे अपना व्यापार करने वाले व्यापारी ने भी की आत्महत्या*
व्यापारी नसीर शेख 63 वर्ष ने भी उज्जीवन स्माल फाइनेंस बैंक के कर्मचारीयों की प्रताड़ना से तंग आकर मौत को गले लगाते हुए फांसी कें फंदे से लटकगया.
प्रेस नोट के अनुसार चीचपूरा परिसर मे उज्जीवन स्माल फाइनेंस बैंक के कर्मचारीयों द्वारा कर्ज वसूली के लिए लगातार प्रताड़ना दिए जाने एवं बैंक कर्मचारीयों के अभद्र व्यवहार से तंग आकर व्यापारी नसीर शेख उम्र 63 वर्ष ने मौत को गले लगाते हुए फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. प्रत्यक्षदर्शीयो ने बताया की 5 जनवरी 2026 को शाम के समय बैंक के कर्मचारीयों के द्वारा व्यापारी नसीर शेख को आत्महत्या करने के लिए मजबूर किया जबकि उनके द्वारा बार बार निवेदन किया गया की मै बकाया राशि जमा कर दूंगा लेकिन कर्मचारीयों द्वारा एक नहीं सुनी जिसके कारण आत्महत्या जैसा कदम उठाना पढ़ा.
इतनी बड़ी घटना होने के बावजूद प्रशासन द्वारा कुछ नहीं किया गया.
व्यापारि संगठन द्वारा उग्र आंदोलन किया जाएगा.

*अधिकांश बिचौलीयों द्वारा फाइनेंस कंपनीयों से लोन कराने के नाम पर ठगा*
सौसर तहसील ग्रामीण क्षेत्रो मे फाइनेंस कंपनियों के बताकर बिचौलीयों द्वारा युवाओं से लोन कराने के नाम पर पैसे लिए गए लेकिन आज तक उनका लोन कभी नहीं हो पाया.
प्राप्त जानकारी के अनुसार बिचोलिए द्वारा लोन कराने के नाम पर किसी से 5 हजार किसी से 10 हजार तो किसी से 50 हजार तक लिए गए लेकिन अभी तक लोन नहीं कराया गया.
ऐसे बिचोलियो की लिखित शिकायत नहीं होने के कारण हौसले बुलंद होते जा रहे है.

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