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संक्रांति पर सेवा का संदेश: सहायता से ही मिलता है सच्चा आनंद।

योगेंद्र सिंह जादौन(फौजी)
मुरैना,सबलगढ़:
मकर संक्रांति का पर्व केवल परंपराओं तक सीमित न रहकर यदि सेवा और संवेदना के साथ मनाया जाए, तो इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। इस अवसर पर गरीब व बेसहारा लोगों की सहायता करके न सिर्फ उनके जीवन में खुशियाँ लाई जा सकती हैं, बल्कि स्वयं का मन भी प्रसन्न और संतुष्ट हो जाता है।
त्योहार पर जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र और आवश्यक सामग्री प्रदान करना सच्चा दान है। ऐसे कार्य समाज में भाईचारे और मानवता की भावना को मजबूत करते हैं।
अच्छा संदेश:
“संक्रांति का पर्व हमें सिखाता है कि खुशियाँ बाँटने से बढ़ती हैं। गरीब और बेसहारा लोगों की सहायता करें, क्योंकि दूसरों के चेहरे पर मुस्कान लाने से ही मन को सच्ची प्रसन्नता मिलती है।”
चलो सब मिलकर कुछ खुशियां गरीबों में बांट ले।

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