
फुटबॉल से पहचान तक: जमशेदपुर FC की पहल से ट्रांसजेंडर लीग को मिल रही नई ताक़त
जमशेदपुर | 13 जनवरी
जमशेदपुर FC की ओर से शुरू की गई समावेशी फुटबॉल पहल अब ज़मीन पर असर दिखाने लगी है। जमशेदपुर सुपर लीग की कम्युनिटी पहल के तहत आयोजित ट्रांसजेंडर फुटबॉल लीग अपने तीसरे मैच वीक में प्रवेश कर चुकी है और लगातार मज़बूत होती जा रही है। प्रतिस्पर्धी मुकाबले, खिलाड़ियों में बढ़ता आत्मविश्वास और कम्युनिटी का खुला समर्थन यह साबित कर रहा है कि यह लीग सिर्फ़ एक प्रयोग नहीं, बल्कि एक स्थायी बदलाव की दिशा में बढ़ता कदम है।
इस लीग ने ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए सिर्फ़ खेलने का मंच ही नहीं दिया, बल्कि पहचान, सम्मान और समान अवसर की भावना को भी मजबूती दी है। प्रतिभागी खिलाड़ियों के लिए यह लीग फुटबॉल से कहीं आगे जाकर आत्मविश्वास और स्वाभिमान का प्रतीक बन चुकी है।
खिलाड़ियों की आवाज़ बनी पहचान की ताकत
लीग में हिस्सा ले रहे खिलाड़ी साईनाथ बिरुली ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा,
“जमशेदपुर FC ने हमें खेलने का मंच दिया है। एक ट्रांसजेंडर व्यक्ति के तौर पर मैदान पर उतरना मेरे लिए गर्व की बात है। मुझे बहुत अच्छा लग रहा है कि हमें समान रूप से मौका दिया जा रहा है।”
साईनाथ ने ट्रांसजेंडर समुदाय से जुड़ने की अपील करते हुए कहा,
“मैं अपनी सभी ट्रांसजेंडर बहनों से कहना चाहूँगी कि वे खेलें और आगे बढ़ें। हम भी खेल सकते हैं, हमारे अंदर भी जुनून, ऊर्जा और ताक़त है। ट्रांसजेंडर होना हमारी कमजोरी नहीं है।”
मैदान पर दिख रहा आत्मविश्वास, तालमेल और प्रतिस्पर्धा
अब तीसरे मैच वीक में पहुंच चुकी यह लीग मैदान पर बेहतर तालमेल, रणनीति और आत्मविश्वास का प्रदर्शन कर रही है। जीत-हार से इतर, यह लीग एक सुरक्षित, सम्मानजनक और संगठित माहौल में ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धी फुटबॉल खेलने का दुर्लभ अवसर दे रही है।
हर हफ्ते नियमित रूप से मुकाबलों का आयोजन कर जमशेदपुर FC यह साफ संदेश दे रहा है कि फुटबॉल हर किसी के लिए है—पहचान, पृष्ठभूमि या सामाजिक सीमाओं से परे।
समावेशिता की मिसाल बनी ट्रांसजेंडर लीग
जमशेदपुर FC की जमीनी स्तर की फुटबॉल पहल जमशेदपुर सुपर लीग के अंतर्गत शुरू की गई यह ट्रांसजेंडर लीग आज समावेशिता और समान अवसरों का मजबूत प्रतीक बन चुकी है। यह दिखाती है कि जब बाधाएं हटाई जाती हैं, तो खेल समाज को जोड़ने की कितनी बड़ी ताकत बन सकता है।
यह लीग भारत में ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए गिनी-चुनी समर्पित फुटबॉल लीगों में से एक है।
लीग की संरचना और टीमें
इस ट्रांसजेंडर लीग में कुल 7 टीमें शामिल हैं—
जमशेदपुर FT
चाईबासा FC
चक्रधरपुर FC
जमशेदपुर इंद्रानगर FC
नोआमुंडी FC
सरायकेला FC
कोल्हान टाइगर FC
इन टीमों में कुल 70 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं, जिनकी पृष्ठभूमि बेहद विविध है। इनमें टाटा स्टील के कर्मचारी, दिहाड़ी मजदूर, छोटे व्यवसायी और वे खिलाड़ी शामिल हैं, जिन्हें बस खेलने का अवसर चाहिए था।
फाइव-ए-साइड फॉर्मेट में आयोजित इस लीग में हर टीम को 12 मैच खेलने का मौका मिलेगा, जबकि पूरे टूर्नामेंट में कुल 42 मुकाबले खेले जाएंगे।
निष्कर्ष :
जमशेदपुर FC की यह पहल साबित कर रही है कि जब खेल को समावेशिता के साथ जोड़ा जाता है, तो वह सिर्फ़ प्रतियोगिता नहीं, बल्कि सशक्तिकरण का माध्यम बन जाता है।