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वेनेजुएला से ग्रीनलैंड तक विस्तारवादी सोच

व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत करते हुए अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि ग्रीनलैंड पर चीन या रूस का प्रभुत्व स्थापित होने से रोकने के लिए अमेरिका कोई न कोई फैसला करेगा। ट्रम्प ने कहा, “हम ग्रीनलैंड को लेकर कोई निर्णय लेंगे, चाहे वह लोगों को पसंद आए या न आए।” उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि यदि अमेरिका ने कोई कदम नहीं उठाया, तो रूस या चीन ग्रीनलैंड पर कब्जा कर सकते हैं। उन्होंने कहा, “हमें रूस या चीन को अपना पड़ोसी नहीं चाहिए।”
इससे स्पष्ट होता है कि ट्रम्प ग्रीनलैंड पर नियंत्रण या उसे अपने अधीन करने की मंशा रखते हैं। हालांकि, ग्रीनलैंड के नागरिक न तो अमेरिका और न ही डेनमार्क का वर्चस्व चाहते हैं। ग्रीनलैंड की संसद के सभी पाँच राजनीतिक दलों के नेताओं ने एक संयुक्त बयान पर हस्ताक्षर कर अमेरिका और डेनमार्क के नियंत्रण प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि वे न तो अमेरिकी बनना चाहते हैं और न ही डेनमार्क के नागरिक, बल्कि ग्रीनलैंडर के रूप में ही रहना चाहते हैं।
ग्रीनलैंड, डेनमार्क साम्राज्य के अंतर्गत एक अर्ध-स्वायत्त क्षेत्र है और नाटो गठबंधन का सदस्य भी है। इस बीच, डेनमार्क ने ट्रम्प की मांगों का कड़ा विरोध किया है। वेनेजुएला के बाद अब ग्रीनलैंड—ट्रम्प प्रशासन के विस्तारवादी इरादे स्पष्ट होते जा रहे हैं।

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