पूर्णिया में मकरसंक्रांति धूमधाम से मनाई गई
संवाददाता:
मेराज सिद्दीकी
(पूर्णिया बिहार)
पूर्णिया में मकरसंक्रांति का पर्व इस वर्ष भी पूरे हर्षोल्लास, श्रद्धा और सामाजिक सौहार्द के साथ मनाया गया। अहले सुबह से ही शहर और ग्रामीण इलाकों में उत्सव का माहौल देखने को मिला। लोगों ने पवित्र नदियों, तालाबों एवं जलाशयों में स्नान कर सूर्य देव को अर्घ्य दिया और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। मकरसंक्रांति को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा गया।
पर्व के अवसर पर घर-घर पारंपरिक व्यंजनों की खुशबू फैली रही। तिल, गुड़, चूड़ा, दही और खिचड़ी जैसे पारंपरिक पकवान बनाए गए। कई मोहल्लों और सामाजिक संगठनों द्वारा सामूहिक खिचड़ी भोज का आयोजन किया गया, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने एक साथ बैठकर भोजन किया। ऐसे आयोजनों ने आपसी भाईचारे और सामाजिक एकता को और मजबूत किया।
मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही। लोगों ने पूजा-अर्चना कर पुण्य लाभ अर्जित किया तथा दान-पुण्य किया। बच्चों और युवाओं में भी पर्व को लेकर खास उत्साह देखने को मिला। पतंगबाजी ने पूरे वातावरण को रंगीन बना दिया और आसमान में रंग-बिरंगी पतंगें उड़ती नजर आईं।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी मकरसंक्रांति पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाई गई। किसान वर्ग ने अच्छी फसल की कामना के साथ पर्व मनाया। स्थानीय प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए, जिससे पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
कुल मिलाकर पूर्णिया में मकरसंक्रांति का पर्व धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और सामाजिक समरसता का प्रतीक बनकर सामने आया, जिसने लोगों के बीच आपसी प्रेम और सहयोग की भावना को और प्रगाढ़ किया।