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*ग्रामीण क्षेत्र से खूब लड़े पेंच,धूम धाम से मनाया गया मकर संक्रांति का पर्व*


मकर संक्रांति का पर्व गुरुवार को पूरे हर्षोल्लास के साथ रामेश्वर क्षेत्र के बरेमा, हिरणपुर,खेवली, जंसा चौखंडी सहित अन्य गांव में मनाया गया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने वरुणा नदी में स्नान के बाद मंदिरों में पहुंचकर पूजा-अर्चना और दान-पुण्य किया। सुबह से ही मंदिरों में भक्तों का तांता लगना शुरू हो गया था। देर शाम तक शहर के विभिन्न मंदिरों में लोगों ने भगवान का दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की। इस दिन दान का विशेष महत्व माना जाता है। ऐसे में लोगों ने तिल, गुड़, चावल और अन्न आदि का दान किया। जगह-जगह पर खिचड़ी का प्रसाद वितरण किया गया। मान्यता है कि मकर संक्रांति के दिन स्नान करने और खिचड़ी व तिल का दान करने से सारे पाप कट जाते हैं।वही रामेश्वर महादेव मंदिर में भक्त वरुणा नदी में स्नान कर सुबह से दर्शन पूजन करते हुए दिखाई दिए।पुजारी अन्नू तिवारी ने बताया रामेश्वर महादेव जी को भी खिचड़ी का भोग लगाया।हर वर्ष से इस वर्ष अधिक भक्तों ने पूजन अर्चन भी किया।मकर संक्रांति पर जगह-जगह भंडारे लगाए गए व गरीबों को गर्म कपड़े व कंबल दान दिए गए। ज्योतिषाचार्य के अनुसार इसी दिन सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करता है और उत्तरायण हो जाता है। ज्योतिषाचार्य डॉ शीतला प्रसाद त्रिपाठी ने बताया कि सूर्य के धनु से मकर राशि में जाने से खरमास भी समाप्त हो गया। अब से मंगल कार्य शरू होंगे। मकर संक्रांति के पर्व पर दान-पुण्य करने का विशेष महत्व है। खासकर तिल से बनी खाद्य सामग्री का। ऐसे में लोगों ने मूंगफली, तिल की गज्जक, लड्डू, रेवडी और खिचड़ी वितरित की।साथ ही देर शाम तक लोग पतंगबाजी करते नजर आए।

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