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लोक अभियोजक पद से हटाए जाने पर विमल शुक्ला का बड़ा बयान

लोक अभियोजक पद से हटाए जाने पर विमल शुक्ला का बड़ा बयान

सीतामढ़ी से बड़ी राजनीतिक हलचल वाली खबर सामने आई है।
लोक अभियोजक पद से हटाए गए वरिष्ठ अधिवक्ता एवं जेपी सेनानी विमल शुक्ला ने सीधे तौर पर सीतामढ़ी सांसद देवेश चंद्र ठाकुर पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
विमल शुक्ला ने कहा कि —
🗣️ “आज शाम 6 बजे के बाद मैं लोक अभियोजक के पद से पूरी तरह मुक्त हो गया हूं। इस ‘मुक्ति’ के लिए मैं माननीय सांसद देवेश ठाकुर को धन्यवाद देता हूं, क्योंकि उन्होंने विधानसभा चुनाव के समय से ही पूरी ताकत झोंक कर मुझे हटाने का प्रयास किया और आज उसमें सफल हुए।”
उन्होंने स्पष्ट कहा कि —
➡️ “कोई भी सरकारी पद स्थायी नहीं होता। मैंने इस पद के लिए न तो कभी दौड़-भाग की और न ही किसी से सिफारिश की। मुझे स्वयं सांसद देवेश ठाकुर के प्रयास से नियुक्त किया गया था।”
विमल शुक्ला ने यह भी बताया कि —
▪️ राजनीतिक संबंध समाप्त होने के बाद उन्होंने पहले ही सार्वजनिक रूप से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी थी
▪️ लेकिन जिले के तमाम पूर्व जनप्रतिनिधियों, राजनीतिक दलों और आम लोगों ने उन्हें स्वयं इस्तीफा न देने की सलाह दी
▪️ सबका यही कहना था कि “हटाना है तो हटाने वाले हटाएं”
🧾 साजिश का आरोप
विमल शुक्ला ने आरोप लगाया कि 2020 में डीज़ल-पेट्रोल मूल्यवृद्धि के विरोध में दिए गए ज्ञापन को आधार बनाकर, कोरोना उल्लंघन का पुराना मामला निकालकर प्रशासन के जरिए साजिश रची गई और उसी के सहारे उन्हें पद से हटाया गया।
✊ संघर्ष जारी रहेगा
उन्होंने कहा —
🔥 “मैं पिछले 50 वर्षों से भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों के खिलाफ संघर्ष करता आया हूं। पद गया है, हौसला नहीं। सीतामढ़ी की जनता के साथ यह लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।”
अंत में उन्होंने कहा कि आने वाला समय तय करेगा —
👉 जनता किसके साथ है:
संघर्ष करने वाले के या साजिश रचने वाले के।

✍️ विमल शुक्ला, अधिवक्ता
सीतामढ़ी न्यायालय

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