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मांझी सरकार सैनिक संगठन ने आदिवासी अधिकारियों के लिए सुभाष चंद्र बोस जयंती के अवसर पर खोला मोर्चा

आदिवासी अधिकारों को लेकर मांझी संगठन ने खोला मोर्चा
जिले से जुड़ी सात प्रमुख समस्याओं के निराकरण की रखी मांग
बैतूल। मांझी अन्तर्राष्ट्रीय समाजवाद आदिवासी किसान सैनिक संगठन ने नेताजी सुभाष चन्द्र बोस जयंती के अवसर पर कलेक्टर, एसपी को ज्ञापन देकर जिले से जुड़ी सात प्रमुख समस्याओं के निराकरण की मांग रखी।
संगठन के श्रवण परते ने बताया कि वह लंबे समय से आदिवासी समाज, किसानों और सैनिकों से जुड़े अधिकारों की लड़ाई लड़ रहा है, लेकिन बार-बार आवेदन देने के बावजूद कई मुद्दों पर शासन-प्रशासन द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
ज्ञापन में संगठन ने मांग की कि वन अधिकार अधिनियम के तहत वर्तमान में बंद वनमित्र पोर्टल को तत्काल शुरू किया जाए, क्योंकि इसके बंद होने से जिले के सैकड़ों आदिवासी किसान अपने दावे ऑनलाइन दर्ज नहीं कर पा रहे हैं। साथ ही लंबित वन अधिकार पट्टों का शीघ्र आवंटन किया जाए। संगठन ने जिले के आदिवासी अंचलों में तेजी से हो रहे धर्मांतरण पर भी चिंता जताते हुए ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाने, धर्म परिवर्तन कर चुके लोगों की पहचान कर उनके जाति प्रमाण पत्र निरस्त करने तथा भविष्य में स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन करने वालों के मामलों में कलेक्टर स्तर पर जांच के बाद कार्रवाई की मांग रखी।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि आदिवासी समाज की लड़कियों को गैर आदिवासी युवक बहला-फुसलाकर शारीरिक शोषण करते हैं और माता-पिता की अनुमति के बिना थाना एवं न्यायालय में राजीनामे करवा देते हैं, जिससे समाज को गंभीर नुकसान हो रहा है। संगठन ने इस पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। इसके साथ ही ताप्ती नदी पर प्रस्तावित ढेकना बांध परियोजना को छोटे स्वरूप में बनाने, जिले के सभी विकासखंडों के सरकारी अस्पतालों में पूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने और नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जयंती को जिले में सार्वजनिक रूप से मनाने की मांग भी रखी गई।
संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि मांझी सरकार सैनिकों पर पूर्व में शासकीय कार्य में बाधा डालने के झूठे प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की गई है, जिसकी निष्पक्ष जांच कर झूठे केस दर्ज कराने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाए।
- भाझी नदी पर पुलिया निर्माण की मांग
इसी के साथ संगठन ने कलेक्टर को एक अलग आवेदन देकर ग्राम पंचायत बाडरैयत के पटेल ढाना से यादव ढाना के बीच भाझी नदी पर पुलिया निर्माण की मांग भी रखी। आवेदन में बताया गया कि भाझी नदी का उद्गम भाण्डवा क्षेत्र से है और वर्षा ऋतु में नदी का बहाव अत्यधिक हो जाने से यादव ढाना के ग्रामीणों का आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है। आपात स्थिति में बीमार व्यक्ति या गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाना असंभव हो जाता है, जिससे जान का खतरा बना रहता है। ग्राम सभा और संबंधित कार्यालयों को कई बार आवेदन देने के बावजूद न तो पुलिया निर्माण शुरू हुआ और न ही ग्रामीणों को कोई सूचना दी गई।
ज्ञापन के माध्यम से संगठन के जिला प्रभारी अध्यक्ष रामकिशोर धुर्वे ने मांग की कि भाझी नदी पर शीघ्र पुलिया निर्माण कर ग्रामीणों को राहत दी जाए और आदिवासी समाज से जुड़े सभी मुद्दों पर संवेदनशीलता के साथ तत्काल कार्रवाई की जाए।

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