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थारी व्रत :-

थारी व्रत (ठाड़ी व्रत) :-

कहलगांव चारों धाम जहाज घाट उत्तर वाहिनी गंगा में सूर्य भगवान को अरघ दिया गया जिसमें मूल भगत श्री लखन लाल सिंह, योग प्रशिक्षक अबधेश कुमार सिंह,सुनील भगत ,जयप्रकाश मंडल, अयोध्या मंडल, सुरेंद्र मंडल ,चंदन कुमार ,राजेश , राजकुमार, पंकज कुमार, प्रकाश एवं श्रीपति राजकुमार

सूर्य भगवान को समर्पित पांच दिवसीय थारी व्रत के अंतर्गत आज रविवार को व्रत का चौथा दिन श्रद्धा एवं भक्ति के साथ मनाया गया। इस अवसर पर व्रती महिलाओं एवं श्रद्धालुओं ने प्रातः उगते सूर्य तथा संध्या समय डूबते सूर्य भगवान को विधि-विधान से अरघ अर्पित किया।
थारी व्रत की शुरुआत प्रथम दिन नहाए-खाए के साथ हुई थी। दूसरे दिन खरना का आयोजन किया गया, जबकि तीसरे दिन पहला अरघ दिया गया। चौथे दिन रविवार को उगते एवं अस्त होते सूर्य देव को अरघ एवं विशेष पूजा-अर्चना की गई।
मान्यता है कि थारी व्रत संतान प्राप्ति, संतान की दीर्घायु तथा परिवार की सुख-समृद्धि के लिए किया जाता है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि इस व्रत से सूर्य भगवान प्रसन्न होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। सोमवार को निस्तार के साथ इस पांच दिवसीय पर्व का विधिवत समापन किया जाएगा।

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