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बड़ा खुलासा: सरिता थलवाल मामले में विपक्ष के षड्यंत्र का पर्दाफाश!


विशेष संवाददाता (देहरादून) उत्तराखंड।
हाल ही में सामने आए सरिता थलवाल प्रकरण को लेकर कुछ राजनीतिक तत्वों द्वारा जानबूझकर भ्रम फैलाने और माननीया मंत्री जी का नाम अनावश्यक रूप से घसीटने का प्रयास किया जा रहा है, जो पूरी तरह निराधार एवं तथ्यहीन है।
स्पष्ट किया जाता है कि यह पूरा प्रकरण शिक्षा विभाग से संबंधित है, जिससे सम्बन्धित मंत्री जी का कोई भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संबंध नहीं है। इसके अतिरिक्त Creative Services नामक किसी भी एजेंसी से भी माननीय मंत्री का कोई लेना-देना नहीं है। इसके बावजूद विपक्ष द्वारा इसे राजनीतिक रंग देकर एक सोची-समझी साजिश के तहत मंत्री जी की छवि धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है।
प्राप्त तथ्यों के अनुसार जांच में यह सामने आया है कि सरिता थलवाल द्वारा सरकारी आधार केंद्र को निजी दुकान में अवैध रूप से संचालित किया जा रहा था, जहां आम जनमानस से प्रति आधार कार्ड 300 से 400 रुपये तक की अवैध वसूली की जा रही थी। संबंधित एजेंसी द्वारा इस अवैध गतिविधि पर रोक लगाए जाने और आधार केंद्र बंद करवाए जाने के बाद, एजेंसी पर दबाव बनाने एवं ब्लैकमेल करने की सुनियोजित योजना विपक्षी तत्वों द्वारा तैयार की गई।
यह स्पष्ट है कि सरिता थलवाल इस पूरे घटनाक्रम में विपक्ष की गंदी राजनीति का शिकार बनी हैं और मामले को जानबूझकर तूल देकर जनता को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है।
मामले की जांच Tehri Police द्वारा निष्पक्ष रूप से की जा रही है। वहीं कंपनी की ओर से यह मांग की गई है कि तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके।
हम विश्वास दिलाते हैं कि जांच पूर्ण होने के उपरांत यह स्पष्ट हो जाएगा कि माननीय मंत्री जी का इस प्रकरण से कोई संबंध नहीं है और विपक्ष द्वारा लगाए गए आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं।

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