इंदौरा, हिमाचल प्रदेश: खैर के पेड़ों का अवैध कटान जारी, वन विभाग की भूमिका पर उठे
कांगड़ा (इंदौरा):
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा ज़िले की इंदौरा विधानसभा क्षेत्र में खैर के पेड़ों का अवैध कटान थमने का नाम नहीं ले रहा है। हैरानी की बात यह है कि यह सब कुछ वन विभाग की मौजूदगी के बावजूद खुलेआम हो रहा है, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि इंदौरा क्षेत्र के कई इलाकों में खैर के पेड़ों की अवैध कटाई लंबे समय से जारी है। लोगों का कहना है कि यह कोई छिपी हुई गतिविधि नहीं है, बल्कि सब कुछ विभाग की “नाक के नीचे” हो रहा है। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
ग्रामीणों में रोष
ग्रामीणों का कहना है कि यदि वन विभाग समय रहते सख्ती दिखाए, नियमित गश्त करे और दोषियों पर कार्रवाई करे, तो इस तरह का अवैध कटान बार-बार संभव ही नहीं है। उनका आरोप है कि विभाग की लापरवाही या मिलीभगत के कारण ही खैर जैसी कीमती प्रजाति के पेड़ तेजी से खत्म हो रहे हैं।
पर्यावरण को गंभीर नुकसान
खैर के पेड़ न केवल आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि पर्यावरण संतुलन में भी अहम भूमिका निभाते हैं। इनका अवैध कटान वन संपदा, जैव विविधता और भविष्य की पीढ़ियों के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है।
उठते सवाल
क्या वन विभाग इस मामले में सख्त कार्रवाई करेगा?
अवैध कटान के पीछे कौन लोग हैं और उन्हें संरक्षण कौन दे रहा है?
क्या जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी?
स्थानीय लोगों ने सरकार और उच्च अधिकारियों से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके।