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​हाईकोर्ट के फैसले के परिपालन में टीचर्स एसोसिएशन ने भरी हुंकार, SDM कुसमी को सौंपा ज्ञापन

बलरामपुर संवाददाता सुहैल आलम भोलू

​"संविलियन पूर्व सेवा की गणना हमारा संवैधानिक अधिकार, इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता" - दीपक सिन्हा

​कुसमी, 30 जनवरी 2026:
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ब्लॉक इकाई कुसमी द्वारा आज माननीय उच्च न्यायालय, बिलासपुर के ऐतिहासिक निर्णय के परिपालन में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कुसमी के माध्यम से मुख्यमंत्री जी के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ब्लॉक अध्यक्ष श्री दीपक सिन्हा के नेतृत्व में सैकड़ों शिक्षकों ने एक स्वर में "संविलियन पूर्व सेवा" को जोड़ते हुए पेंशन निर्धारण की मांग की।
​क्या है पूरा मामला:
ब्लॉक अध्यक्ष दीपक सिन्हा ने बताया कि माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 23.01.2026 को WPS 647/2021 एवं अन्य याचिकाओं पर महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया गया है। कोर्ट ने स्पष्ट टिप्पणी की है कि संविलियन से पूर्व शिक्षकों द्वारा दी गई दीर्घकालीन सेवाओं को 'अप्रासंगिक' (Irrelevant) मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। न्यायालय ने पेंशन को एक "कल्याणकारी उपाय" (Welfare Measure) और "स्थगित पारिश्रमिक" बताते हुए राज्य शासन को निर्देशित किया है कि वह सेवा की निरंतरता, कर्तव्यों की प्रकृति और समानता के अधिकार को ध्यान में रखते हुए पुनर्विचार करे और आदेश जारी करे।
​संघ की मांग:
एसोसिएशन ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की है कि न्यायालय के निर्णय का सम्मान करते हुए राज्य सरकार तत्काल पुरानी सेवा को पेंशन योग्य सेवा मान्य करने का स्पष्ट आदेश जारी करे।
​चेतावनी:
ज्ञापन सौंपते समय शिक्षकों ने स्पष्ट किया कि यदि शासन द्वारा शीघ्र ही कोर्ट के निर्णय के अनुरूप आदेश जारी नहीं किया गया, तो संगठन उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
​ये रहे उपस्थित:
इस अवसर पर मुख्य रूप से ब्लॉक अध्यक्ष दीपक सिन्हा, जिला महामंत्री राजेन्द्र यादव, ब्लॉक सचिव शैलेन्द्र गुप्ता, ब्लॉक संयोजक अजय गुप्ता, सतीश भगत, उपाध्यक्ष उमेश गुप्ता, प्रवक्ता अमर यादव, सुंदरू राम, वासुराम किंडो, ऊषा सिंह, मैत्रावती पैंकरा, संतोष दुबे, विजय गुप्ता, अजित सिंह, प्रियंका तिवारी, अविनाश सिंह, मुकेश यादव, रामचंद्र राम, संतोष गुप्ता शांति भगत, सहित सैकड़ों की संख्या में शिक्षक साथी उपस्थित रहे।
​भवदीय:

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