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अल्मोड़ा: ग्रामीण क्षेत्रों में बंदरों का आतंक, जिला पंचायत सदस्य शैलजा चम्याल ने सौंपा ज्ञापन

अल्मोड़ा। जिला पंचायत सदस्य सल्लाभाटकोट शैलजा चम्याल ने प्रभागीय वनाधिकारी, सिविल सोयम वन प्रभाग अल्मोड़ा को एक ज्ञापन सौंपते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में जंगली जानवरों, विशेषकर बंदरों द्वारा हो रहे नुकसान पर गंभीर चिंता व्यक्त की है।

ज्ञापन में उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत कुंजकिमोला, मल्ली नाली, तल्लीनाली एवं आसपास के क्षेत्रों में जंगली जानवरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। क्षेत्र भ्रमण के दौरान कुंजकिमोला के ग्राम प्रधान देवी दत्त सहित स्थानीय जनता ने उन्हें लिखित रूप में अवगत कराया कि शहरी क्षेत्रों से बंदरों को पकड़कर ग्रामीण इलाकों में छोड़ा जा रहा है, जिससे किसानों की समस्याएं और अधिक बढ़ गई हैं।

उन्होंने बताया कि बंदरों द्वारा फल, सब्जी एवं फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा है, जिससे कृषि कार्य करना लगभग असंभव हो गया है। इतना ही नहीं, बंदरों द्वारा बच्चों, महिलाओं एवं बुजुर्गों पर हमला कर काटने की घटनाएं भी सामने आ रही हैं, जिससे क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ है।

जिला पंचायत सदस्य ने कहा कि पलायन के कारण पहले ही अधिकांश ग्रामीण खेती छोड़ चुके हैं, जबकि जो किसान आज भी अपनी आजीविका के लिए कृषि पर निर्भर हैं, उनकी फसलें जंगली जानवरों द्वारा नष्ट की जा रही हैं। इससे उनके सामने रोज़ी-रोटी का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। इसके साथ ही क्षेत्र में जंगली सुअरों का खतरा भी बना हुआ है, जिससे जंगलों के रास्तों से गुजरने में लोग डर रहे हैं।

शैलजा चम्याल ने मांग की कि संबंधित क्षेत्रों से बंदरों को पकड़कर घने जंगलों में छोड़ा जाए तथा भविष्य में शहरों से पकड़े गए बंदरों को गांवों में छोड़ने के बजाय सुरक्षित वन क्षेत्रों में ही स्थानांतरित किया जाए। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन द्वारा गांवों में बंदरों को छोड़ना ग्रामीणों की समस्याओं को और अधिक बढ़ा रहा है।

जिला पंचायत सदस्य ने समस्त क्षेत्रवासियों की समस्याओं को गंभीर बताते हुए प्रशासन से उपरोक्त मांगों पर शीघ्र कार्रवाई करने की अपील की है।

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