बड़ी खबर: आंवला की ग्राम पंचायत गुरुगावा मु0 में ₹10 करोड़ की लागत से बन रहा है अत्याधुनिक पशु पॉलीक्लीनिक*
तरुण चहल संवाददाता बरेली: जनपद के फरीदपुर स्थित पचौमी में आयोजित पंडित दीनदयाल उपाध्याय वृहद पशु आरोग्य मेले में शिरकत करते हुए मुख्य अतिथि ने पशुपालन और कृषि के महत्व पर ज़ोर दिया। इस दौरान क्षेत्र के पशुपालकों के लिए बड़ी घोषणा करते हुए बताया गया कि आंवला की ग्राम पंचायत गुरुगावा मु0 में 10 करोड़ रुपये की लागत से एक आधुनिक पशु पॉलीक्लीनिक का निर्माण किया जा रहा है।
*पशु चिकित्सक मनुष्यों के डॉक्टरों से भी महान*
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि ने कहा कि भारतीय संस्कृति कृषि और ऋषि परंपरा पर आधारित है। उन्होंने पशु चिकित्सकों की सराहना करते हुए उन्हें मनुष्यों के डॉक्टरों से भी महान बताया। उन्होंने तर्क दिया कि मनुष्य अपनी बीमारी बोलकर बता सकता है, लेकिन एक पशु चिकित्सक मूक पशुओं के हाव-भाव और दर्द को समझकर उनका इलाज करता है, जो अत्यंत सेवाभाव का कार्य है।
*पशुपालन से बढ़ेगी महिलाओं की आय*
मेले में मौजूद महिलाओं से विशेष अपील की गई कि वे अपनी आय बढ़ाने के लिए गाय पालन को अपनाएं। वक्ता ने कहा, "आज सबको दूध, दही और घी चाहिए, लेकिन कोई पशु पालना नहीं चाहता। यदि पशुपालन नहीं होगा तो ये वस्तुएं कहाँ से आएंगी?" उन्होंने जानकारी दी कि आंवला में दुग्ध डेयरी की स्थापना हो चुकी है, जो पशुपालकों से दूध खरीदने के बाद प्रत्येक सप्ताह भुगतान सुनिश्चित करेगी।
*विरासत और विकास का संगम*
भारतीय सभ्यता में गोशाला, पाठशाला, व्यायाम शाला और यज्ञशाला के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने खेद जताया कि लोग गाय के दूध न देने पर उसे छोड़ देते हैं। उन्होंने विश्वास दिलाया कि मोदी-योगी सरकार गोवंश संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है और "मोदी-योगी हैं तो मुमकिन है" के नारे के साथ विकास कार्य जारी हैं।
*सम्मान समारोह*
मेले के अंत में उत्कृष्ट कार्य करने वाले ग्राम प्रधानों और कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ताओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को आधुनिक पशुपालन तकनीकों से जोड़ना और उनकी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करना रहा।