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चंबल अभयारण्य में माफिया राज! वनरक्षक चौकी की आड़ में वर्षों से अवैध खनन, सरकारी ज़मीन पर कब्ज़ा, पर्यावरण तबाही खंडार (राजू माली पत्रकार)

चंबल अभयारण्य में माफिया राज! वनरक्षक चौकी की आड़ में वर्षों से अवैध खनन, सरकारी ज़मीन पर कब्ज़ा, पर्यावरण तबाही
बागोरा (सवाई माधोपुर)
राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल अभयारण्य जैसे अतिसंवेदनशील संरक्षित क्षेत्र में खुलेआम कानून की धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं। पाली घाट व नाका रामेश्वर घाट क्षेत्र में स्थित वनरक्षक चौकी बागोरा में रखवाली की आड़ लेकर विगत कई वर्षों से अवैध खनन, सरकारी संपत्ति पर कब्ज़ा और पर्यावरण अपराध लगातार जारी हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं।
सूत्रों व स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार राजनीतिक संरक्षण और रिश्तेदारी के दबाव में चौकी बागोरा में नियम विरुद्ध रखवाली करवाई गई। इस दौरान सरकारी परिसरों में निजी सामान रखकर अवैध कब्ज़ा कर लिया गया और ग्रामीणों को खुलेआम धमकाया व डराया गया, जिससे क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल बन गया है।
दिनदहाड़े चंबल नदी से पत्थर खनन!
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि चंबल नदी से ट्रैक्टर-ट्रॉली भरकर पत्थरों का दिनदहाड़े अवैध खनन किया जा रहा है। यह गतिविधि सीधे-सीधे वन संरक्षण अधिनियम, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, पर्यावरण संरक्षण अधिनियम और अभयारण्य नियमों का खुला उल्लंघन है।
इस अवैध खनन से घड़ियाल, डॉल्फिन और अन्य दुर्लभ जलीय जीव-जंतुओं के अस्तित्व पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो चंबल का यह क्षेत्र अपूरणीय क्षति झेल सकता है।
विद्यालय भूमि पर भी कब्ज़ा!
मामला यहीं नहीं रुका। आरोप है कि राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय बागोरा की बहुमूल्य सरकारी भूमि पर अवैध रूप से पक्का निर्माण तक कर लिया गया। यह न केवल सरकारी संपत्ति का दुरुपयोग है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था पर भी सीधा हमला है।
ग्रामीणों में रोष, प्रशासन पर सवाल
दबंगई और गुंडागर्दी के चलते ग्रामीणों में भारी रोष है। लोगों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। यदि शीघ्र कठोर कदम नहीं उठाए गए, तो मामला उच्च स्तर तक ले जाया जाएगा।
उच्चस्तरीय जांच की मांग
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि—
पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय व निष्पक्ष जांच हो
अभयारण्य क्षेत्र में हो रहे अवैध खनन पर तत्काल रोक लगे
सरकारी भूमि से कब्ज़े हटाकर दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए
लापरवाह या संलिप्त अधिकारियों/कर्मचारियों पर विभागीय कार्रवाई हो
राष्ट्रीय धरोहर माने जाने वाले चंबल घड़ियाल अभयारण्य को माफिया और लापरवाही की भेंट चढ़ने से बचाना अब प्रशासन की सबसे बड़ी परीक्षा बन गया है।

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