22 साल पुराने थाना हत्या कांड में बड़ा फैसला, तत्कालीन थानाध्यक्ष को उम्रकैद
आजमगढ़। करीब 22 वर्ष पूर्व रानी की सराय थाना में पूछताछ के दौरान हुई हत्या के मामले में न्यायालय ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। जनपद न्यायाधीश कोर्ट आजमगढ़ ने 4 फरवरी 2026 को तत्कालीन थानाध्यक्ष जयेन्द्र कुमार सिंह को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास एवं 1 लाख 5 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
मामला 29 मार्च 2003 का है, जब मेंहनगर थाना क्षेत्र के दौलतपुर गांव निवासी हरिलाल यादव को पूछताछ के लिए रानी की सराय थाना लाया गया था। आरोप है कि रात्रि लगभग 10 बजे तत्कालीन थानाध्यक्ष जयेन्द्र कुमार सिंह के उकसावे पर हेड कांस्टेबल नरेन्द्र बहादुर सिंह (अब मृत) ने रिवाल्वर से गोली मार दी। गंभीर रूप से घायल हरिलाल यादव को सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद पुलिस द्वारा मामले को दबाने और गलती से गोली चलने की बात कही गई, लेकिन मृतक के पुत्र जितेन्द्र यादव द्वारा विरोध और तहरीर देने के बाद मुकदमा दर्ज किया गया। दोनों थानों में दर्ज मुकदमों को बाद में मर्ज कर सीबीसीआईडी जांच सौंपी गई।
थाना रानी की सराय पर मुकदमा संख्या 105/2003 धारा 302, 342, 504 भादवि के तहत मामला पंजीकृत हुआ। विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। मुकदमे के दौरान 11 गवाहों के बयान दर्ज किए गए।
लंबी सुनवाई के बाद न्यायालय ने अभियुक्त जयेन्द्र कुमार सिंह को दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। इस फैसले को पुलिस हिरासत में हुई मौत के मामलों में एक अहम नजीर माना जा रहा है।