अयोध्या जेल में प्रदीप कश्यप नए जेलर बने, 2 कैदियों के फरार होने पर पूर्व जेलर समेत अब तक 12+ अफसर सस्पेंड
अयोध्या जिला कारागार से दो कैदियों के फरार होने ने पूरे प्रशासनिक तंत्र को हिला कर रख दिया है। घटना के बाद शासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए तत्कालीन जेलर सहित लगभग एक दर्जन जेल अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। इस बीच प्रदीप कश्यप को नया जेलर नियुक्त किया गया है। दूसरी ओर, फरार कैदियों की तलाश में पुलिस की कई टीमें विभिन्न जिलों में छापेमारी कर रही हैं।
यह घटना बुधवार देर रात विशेष सुरक्षा बैरक में हुई। यहां से शेर अली और गोलू अग्रहरी नाम के दो कैदी रहस्यमयी तरीके से भाग निकले। चौंकाने वाली बात यह है कि जिस बैरक से दोनों फरार हुए, उसी बैरक में मौजूद अन्य कैदियों को इसकी भनक तक नहीं लगी।
सुबह बैरक की तलाशी के दौरान अंदर दोनों कैदियों की चप्पलें मिलीं, जिससे साफ हुआ कि वे नंगे पांव ही दीवार फांदकर निकले थे। घटना ने जेल की सुरक्षा प्रणाली की कमजोरियों को उजागर कर दिया है।
जेल सूत्रों का कहना है कि विशेष सुरक्षा बैरक में आठ कमरे हैं और दोनों कैदी कमरा नंबर चार में बंद थे। प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया कि कैदियों ने रातभर मेहनत कर पुरानी अंग्रेजी दौर की दीवार को निशाना बनाया। आरोप है कि उन्होंने लगभग डेढ़ फुट मोटी दीवार की 25–30 ईंटें सावधानी से निकालकर बड़ा छेद बनाया और उसी रास्ते से बाहरी घेरे तक पहुंच गए।
बाहर निकलने के बाद उन लोगों ने सेंध पर खरपतवार डाल दिए ताकि सुबह तक किसी को शक न हो। यह बैरक ऐतिहासिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसके पास ही अमर शहीद अशफाक उल्ला खां का बैरक हुआ करता था— जो 1925 के काकोरी ट्रेन एक्शन के प्रमुख क्रांतिकारी थे।
दोनों फरार कैदियों पर गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस तकनीकी सर्विलांस के साथ लगातार दबिश दे रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जेल सुरक्षा में हुई बड़ी चूक पर जिम्मेदारों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।