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जमीनी हकीकत आजीविका मिशन महिलाओं के हक और अधिकार पर अंकुश

जमीनी हकीकत आजीविका मिशन महिलाओं के हक और अधिकार पर अंकुश


दित्यपाल राजपूत


टीकमगढ़ केन्द्र सरकार और राज्य सरकार की महिला सशक्तिकरण की और महिलाओं को जोड़ने की मुख्य योजना स्व सहायता समूह और लखपति दीदी योजना पर अधिकारियों की उदासीनता और भ्रष्टाचार की वजह से महिला लाभ से कोसो दूर है और यही वजह है धरातल पर योजाना रुप नही ले पा रही सरकार कितने ही प्रयास करले पर अधिकारियों के रवैए के कारण महिलाएं योजानाओ से जुड़ने मे उत्सुकता और उत्साह नही दिखा रही अब उदाहरण से समझिए मामला मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जिले के पलेरा आजीविका मिशन का है जहां रानी अवंतीबाई स्व सहायता समूह का जहां आजीविका मैनैजर द्वारा सदस्य को नवीनीकरण करने और 2 लोन दिलानै का कहकर पैसा जमा करवा लिया उसी मे महिला मीना लोधी जिसकी बेटी की शादी 12 तारीख को है उसने इस आस मे कि नवीनीकरण हो जाऐगा और अपना पैसा भी वापिस आ जाऐगा जमा कर दिया जब जमा हो गया तो मैनैजर ने बेठक के नाम पर लगातार 7 दिनो तक पलेरा बुलाया महिला को मजबूरी थी क्योंकि उसके पास जो पैसा था वो तो उसने जमा कर दिया आगे बेटी की शादी थी परेशान होकर महिला जाती रही पर इनकी बैठको सिलासिला खत्म नहीं हुआ लास्ट मे महिला ने साहुकार से ब्याज मे पैसा लिया और पलेरा मिशन मैनैजर मनोज जैन रवैया की वजह से पलेरा मिशन से कोई महिला जुड़ना नही चाहती

मोदी जी और मोहन जी आप कितने ही महिला सशक्तिकरण की योजनाएं चला ले पर आजीविका मिशन अधिकारियों ने और बैंक वालो ने कसम खा रखी के ऐ महिला सशक्तिकरण होने नही देंगे #पलेरा के आजीविका मिशन मैनैजेर मनोज जैन और ग्रामीण बैंक शाखा प्रबंधक ऐ महिलाओं को प्रलोभन देकर जो ग्रामीण अंचल की महिलाएं है उनको मानसिक प्रताड़ना करना अभी हाल मे अवंतीबाई स्व सहायता समूह जोकि महिलाओं ने अपना ऋण भुगतान कर दिया मिशन मैनैजर और प्रबंधक विना वताऐ एफडी कर दी 29 जनवरी से लगातार आज दिनांक तक महिलाओं को पलेरा बुलाया बैठक के नाम और फिर भी महिलाओं को ऋण नहीं दिया गया अब महिलाओं का कहना है 1500 रुपये तो किराया खर्च हो गयो

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