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सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कौन सही/गलत

कल्याणसिंह नामक युवक द्वारा लगातार विधायक रविंद्र सिंह भाटी के छोटे भाई रणवीर भाटी पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। लगभग हर दिन वह सोशल मीडिया पर नया वीडियो लेकर सामने आता है, जिसमें हर बार नई कहानी और नए आरोप होते हैं।
कभी वह कथित बातचीत के अंश दिखाता है, कभी यह दावा करता है कि उसे धमकियां मिल रही हैं और उसके साथ कुछ भी हो सकता है—और अंत में “इंकलाब ज़िंदाबाद” जैसे नारे लिख देता है।
प्रश्न यह है कि यदि आपके पास कोई ठोस सबूत नहीं हैं, तो बिना तथ्यों के किसी का नाम लेकर सार्वजनिक मंच पर आरोप लगाना कितना उचित है? क्या यह केवल खुद को सोशल मीडिया पर चर्चित करने और पहचान बनाने का तरीका नहीं है?
सीधे एक जनप्रतिनिधि के परिवार को निशाना बनाना, वह भी बिना प्रमाण, न तो जिम्मेदार व्यवहार है और न ही स्वस्थ लोकतांत्रिक सोच।
सोशल मीडिया पर हर छोटी बात को सनसनी बनाकर पेश करना समाज के लिए गंभीर समस्या बनता जा रहा है। यदि वास्तव में कोई धमकी या अन्याय हुआ है, तो उसके लिए कानूनी और प्रशासनिक रास्ते मौजूद हैं। बिना प्रमाण वीडियो बनाकर आरोप लगाना न तो समस्या का समाधान है और न ही न्याय का तरीका।
आरोप लगाने से पहले तथ्य और प्रमाण होना ज़रूरी है। बिना आधार के किसी की छवि खराब करना निंदनीय है और इससे समाज में अनावश्यक तनाव ही पैदा होता है।

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