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डॉक्युमेंट अपडेट न होने से केवाईसी प्रक्रिया धीमी, केवल 45–50 फीसदी लोगों के ही बन पा रहे हेल्थ कार्ड

पंजाब सरकार द्वारा 22 जनवरी को मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना लॉन्च किए जाने के दो सप्ताह बीत जाने के बावजूद जिले के कम्युनिटी सर्विस सेंटर (CSC) और सिविल अस्पताल में हेल्थ कार्ड बनवाने पहुंचे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
इस योजना के तहत सरकार ने प्रत्येक परिवार को सालाना 10 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराने की घोषणा की है। सरकार ने एक सिविल सर्विस सेंटर पर रोजाना 50 हेल्थ कार्ड बनाने का लक्ष्य तय किया है, लेकिन पोर्टल नया होने और प्रक्रिया लंबी होने के कारण यह लक्ष्य पूरा नहीं हो पा रहा।
एक हेल्थ कार्ड की केवाईसी प्रक्रिया में 20 से 25 मिनट का समय लग रहा है, जिसके चलते एक सेंटर पर रोजाना सिर्फ 20 से 25 कार्ड ही बनाए जा पा रहे हैं। स्टाफ के अनुसार, कई लोगों के दस्तावेज अपडेट नहीं होने के कारण केवाईसी अधूरी रह जाती है।
कई लाभार्थियों के पास पुराने वोटर कार्ड हैं, जिनका ऑनलाइन अपडेट नहीं हुआ है। वहीं, बड़ी संख्या में लोगों ने अपने आधार कार्ड को मोबाइल नंबर से लिंक नहीं कराया है। पुराने आधार कार्ड होने के कारण कई मामलों में बायोमेट्रिक अंगूठे के निशान मैच नहीं हो रहे।
इसके अलावा, वोटर कार्ड में जन्मतिथि की गलत एंट्री और राशन कार्ड के डाटा में विसंगतियां भी केवाईसी पूरी होने में बाधा बन रही हैं। कई लोग अधूरे भरे हुए फॉर्म लेकर पहुंच रहे हैं, जिससे प्रक्रिया और अधिक जटिल हो रही है।
इन तमाम कारणों से योजना का लाभ फिलहाल केवल 45 से 50 प्रतिशत लोगों तक ही सीमित रह गया है।

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