भारत-नेपाल सीमा सड़क परियोजना में लापरवाही, ठेकेदार JKM Infra Projects डिबार
किशनगंज :
पथ निर्माण मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल के निर्देश पर भारत-नेपाल सीमा सड़क परियोजना में लापरवाही बरतने वाले संवेदक के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। किशनगंज जिले में इस परियोजना से जुड़े ठेकेदार JKM Infra Projects को सभी निविदाओं में भाग लेने से वंचित (डिबार) कर दिया गया है।
यह कार्रवाई विभाग के अभियंता प्रमुख सह अपर आयुक्त सह विशेष सचिव द्वारा जारी आदेश के तहत की गई है। जानकारी के अनुसार, परियोजना कार्य की शुरुआत 25 अक्टूबर 2015 को निर्धारित थी, लेकिन कई बार समय सीमा बढ़ाने के बावजूद कार्य पूरा नहीं किया जा सका। अंतिम समय सीमा दिसंबर 2025 तक तय की गई थी।
भारत-नेपाल सीमा सड़क परियोजना का उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और संपर्क सुविधा को सुदृढ़ करना है। यह सड़क बिहार के किशनगंज सहित सात जिलों से होकर गुजरती है। निर्माण कार्य में हो रही देरी को लेकर स्थानीय ग्रामीणों द्वारा लगातार शिकायतें की जा रही थीं।
विभाग द्वारा संवेदक को कई बार नोटिस जारी किए गए, लेकिन उनके द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद 13 दिसंबर 2025 को पत्रांक 1615 के माध्यम से संवेदक को डिबार करने की अनुशंसा की गई। विभागीय विचार-विमर्श के उपरांत संवेदक को सभी निविदाओं से वंचित करने का निर्णय लिया गया।
गौरतलब है कि यह परियोजना वर्ष 2010 में शुरू की गई थी, जिसके अंतर्गत बिहार में 564 किलोमीटर सड़क एवं कई पुलों का निर्माण प्रस्तावित है।
इस संबंध में पथ निर्माण मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और लापरवाह संवेदकों के विरुद्ध भविष्य में भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।