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पचमढ़ी पर्यटन स्थल को मिलेगी नई दिशा ग्रीन डेस्टिनेशन्स सर्टिफिकेशन एवं अवार्ड कार्यक्रम के अंतर्गत एक दिवसीय ऑडिट कार्यशाला संपन्न

पचमढ़ी पर्यटन स्थल को मिलेगी नई दिशा ग्रीन डेस्टिनेशन्स सर्टिफिकेशन एवं अवार्ड कार्यक्रम के अंतर्गत एक दिवसीय ऑडिट कार्यशाला संपन्न, श्रीलंका (कोलंबो) से ग्रीन डेस्टिनेशन सर्टिफिकेशन एवं अवॉर्ड के लिए ऑडिटर ने किया ऑडिट
नर्मदापुरम / पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी के मार्गदर्शन एवं दूरदर्शी विज़न के अनुरूप पचमढ़ी क्षेत्र में सतत पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। ग्रीन डेस्टिनेशन्स सर्टिफिकेशन एवं अवार्ड कार्यक्रम के अंतर्गत पचमढ़ी को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक आदर्श सस्टेनेबल टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से एक दिवसीय ऑडिट कार्यशाला का आयोजन किया गया।
यह कार्यशाला 9 फरवरी 2026 को एमपीटी हाईलैंड होटल, पचमढ़ी में संपन्न हुई। जिसमें श्रीलंका कोलंबो से ग्लोबल सस्टेनेबल टूरिज्म काउंसिल चिंतना दुमिंदुहेवा द्वारा ग्रीन डेस्टिनेशन को लेकर को लेकर श्रीलंका (कोलंबो) से ग्रीन डेस्टिनेशन सर्टिफिकेशन एवं अवॉर्ड के लिए ऑडिटर ने किया ऑडिट एवं चर्चा की गई। साथ ही बैठक में उपस्थित सभी विभागों के अधिकारी प्रतिनिधियों से व्यक्तिगत बैठक कर जानकारी भी ली गई। सभी को बैठक के विभिन्न विभागों, संस्थानों एवं पर्यटन से जुड़े हितधारकों ने सक्रिय सहभागिता की।
कार्यशाला में प्रमुख रूप से संयुक्त संचालक मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड डॉ. संतोष कुमार श्रीवास्तव द्वारा कार्यशाला में उपस्थित सभी से वी सी के माध्यम से ग्रीन डेस्टिनेशन पर चर्चा की गई। कार्यशाला में क्षेत्रीय कार्यालय पचमढ़ी के क्षेत्रीय प्रबंधक के यू खान, कमल धूत, एस टी आर से संजीव शर्मा, पुलिस विभाग से टी आई पदम सिंह, जिला पर्यटन प्रबंधक मनोज सिंह ठाकुर, ग्रीन डेस्टिनेशन से आशुतोष कुमार, सादा से अमजद खान, रईस खान, केंट से अभुदय अग्रवाल, एम पी एस टी से दशमेश सिंह, सतपुड़ा एडवेंचर क्लब से विनय साहू सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त वन विभाग, जिला प्रशासन, होटल एसोसिएशन, एडवेंचर टूर ऑपरेटर्स तथा विभिन्न स्थानीय समितियों के प्रतिनिधियों ने भी कार्यशाला में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यशाला के दौरान GSTC (ग्लोबल सस्टेनेबल टूरिज्म काउंसिल) के मानकों पर विस्तृत चर्चा की गई। पचमढ़ी के ग्रीन डेस्टिनेशन नामांकन, मूल्यांकन प्रक्रिया एवं सर्टिफिकेशन से जुड़े तकनीकी एवं व्यवहारिक पहलुओं पर गहन विचार-विमर्श हुआ। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पचमढ़ी क्षेत्र में जिम्मेदार एवं पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन को प्रोत्साहित करना है, जिससे प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण, स्थानीय समुदायों की सहभागिता तथा आजीविका के नए अवसर सृजित किए जा सकें। अधिकारियों ने आशा व्यक्त की कि इस पहल से पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलेगी और पचमढ़ी की वैश्विक पहचान सुदृढ़ होगी। अपर मुख्य सचिव, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग शिव शेखर शुक्ला ने अपने संदेश में कहा कि पचमढ़ी को ग्रीन डेस्टिनेशन मानकों के अनुरूप विकसित करने हेतु वन विभाग, जिला प्रशासन, होटल एसोसिएशन, एडवेंचर ऑपरेटर्स एवं स्थानीय संस्थाओं के बीच समन्वय अत्यंत आवश्यक है। सभी स्टेकहोल्डर्स की संयुक्त भागीदारी ही इस परियोजना की सफलता का आधार बनेगी। ग्रीन डेस्टिनेशन्स सर्टिफिकेशन होने से पचमढ़ी को अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई पहचान मिलेगी तथा यह क्षेत्र सतत पर्यटन का एक आदर्श मॉडल बनकर उभरेगा।

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