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जिंदगी बचाने वालों की जिंदगी से खिलवाड़

यह लापरवाही नहीं, सुनियोजित योजना के तहत षड़यंत्र है अपराध है जिसकी माफ़ी नहीं सजा होनी सुनिश्चित है
SDP के दौरान एक डोनर से लगभग 622 ml खून/ब्लड कंपोनेंट निकाले गए, जबकि अनुमानत मात्रा लगभग 220 ml है।
यह साधारण गलती नहीं अपराध है।
यह गंभीर और चिंताजनक सवाल खड़े करती है। डोनर कोई मशीन नहीं है।
वह एक इंसान है - जिसने भरोसे के साथ रक्तदान किया मरीज़ की मजबूरी को देखते हुए।
यदि उसकी सेहत के साथ खिलवाड़ हुआ है, तो इसकी सीधी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
हम सिविल सर्जन, पटियाला को लिखित शिकायत दे चुके हैं।
Park Hospital blood bank, Patiala की मशीन लॉग, रिकॉर्ड और कंसेंट फॉर्म - सभी की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
यदि यह अकेला मामला नहीं है, तो पूरा सच सामने आना ही चाहिए।
रक्तदान सेवा है - इसे संदिग्ध अपराध नहीं बनने देंगे। हम सिविल सर्जन, पटियाला को लिखित शिकायत दे चुके हैं।

मौके पर उपस्थित थेः
तेजपाल सिंह (प्रधान, सहयोग वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन)
जसपाल सिंह जोशन गुरमुख गुरु (प्रधान, मरीज मित्र) अनुराग शर्मा (प्रधान, वंदे मातरम् दल) हरविंदर सिंह (डोनर),विजय तनेजा (सलाहकार, सहयोग वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन)

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