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लखनऊ में बस मालिकों में हड़कंप ACCIDENT क्षेत्रीय प्रबंधक का बड़ा एकशन यात्रियों की सुरक्षा में सखती 🚍

लखनऊ क्षेत्र में यात्री सुरक्षा और बसों की गुणवत्ता सुधारने को लेकर सख्ती, क्षेत्रीय प्रबंधक के कड़े निर्देश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के लखनऊ क्षेत्र में यात्री सुरक्षा को मजबूत करने और अनुबंधित बसों की खराब स्थिति पर रोक लगाने के लिए क्षेत्रीय प्रबंधक अमर नाथ सहाय ने व्यापक समीक्षा के बाद सख्त निर्देश जारी किए हैं।
दुर्घटनाओं की समीक्षा में पाया गया कि पिछले छह महीनों में अनुबंधित बसों से 17 सड़क दुर्घटनाएँ हुईं, जिनमें 16 लोगों की मृत्यु और 20 यात्री घायल हुए। जांच में यह भी सामने आया कि कई स्थानों पर अप्रशिक्षित चालकों से वाहन संचालन कराया जा रहा है, जिससे हादसों का जोखिम बढ़ा है। इस पर क्षेत्रीय प्रबंधक ने निर्देश दिया है कि किसी भी चालक से दुर्घटना होने पर उसे तत्काल हटाकर प्रशिक्षित चालक की तैनाती की जाए और इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को तुरंत दी जाए।

इसके साथ ही अनुबंधित बसों की यांत्रिक एवं भौतिक स्थिति सुधारने के लिए भी सख्ती बरती गई है। आदेश में कहा गया है कि बसों को मार्ग पर भेजने से पहले निर्धारित 31 एवं 13 बिंदुओं की जांच अनिवार्य रूप से की जाए। सभी बसों में सीटें अच्छी स्थिति में हों, अग्निशमन यंत्र और फर्स्ट-एड बॉक्स कार्यशील अवस्था में उपलब्ध हों, मीटर और स्पीड कंट्रोल डिवाइस सही ढंग से काम करें तथा खिड़कियों के शीशे, बॉडी और पेंटिंग मानक के अनुरूप हों।

क्षेत्रीय प्रबंधक के इन कड़े निर्देशों के बाद अनुबंधित बस मालिकों के बीच खलबली मच गई है। सूत्रों के अनुसार, सख्त मॉनिटरिंग और जवाबदेही तय होने से कई वाहन स्वामियों में हलचल देखी जा रही है और उनकी कार्यशैली में बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सख्ती का उद्देश्य केवल एक ही है—यात्री सुरक्षा और सेवा गुणवत्ता में सुधार।

सभी सहायक क्षेत्रीय प्रबंधकों को निर्देशित किया गया है कि 20 फरवरी 2026 तक बसों की स्थिति सुधारकर 21 फरवरी 2026 तक अनुपालन रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए तथा प्रत्येक 15 दिन में बैठक आयोजित कर समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाए।

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