दिल्ली पब्लिक इंटरनेशनल स्कूल में “ग्रैंडपेरेंट्स डे” पर उमड़ा स्नेह और संस्कारों का सागर
धामनोद।
“दादा-दादी के संग मुस्कुराया बचपन”
दिल्ली पब्लिक इंटरनेशनल स्कूल में “ग्रैंडपेरेंट्स डे” पर उमड़ा स्नेह और संस्कारों का सागर
धामनोद।
धामनोद स्थित प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान Delhi Public International School में आयोजित “ग्रैंडपेरेंट्स डे” समारोह ने पारिवारिक मूल्यों और पीढ़ियों के स्नेह को एक मंच पर सजीव कर दिया। प्री-प्राइमरी के नन्हे विद्यार्थियों ने अपने दादा-दादी एवं नाना-नानी के साथ मिलकर ऐसा भावनात्मक माहौल बनाया कि विद्यालय परिसर तालियों, ठहाकों और खुशी के आंसुओं से गूंज उठा।
कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक तिलक एवं पुष्प स्वागत से हुआ। इसके पश्चात बच्चों और उनके दादा-दादी ने संयुक्त रूप से विभिन्न मनोरंजक खेलों, गीत-संगीत और सहभागिता गतिविधियों में भाग लिया। हर पल में अपनापन और उत्साह झलक रहा था।
सकारात्मक संस्कारों का संदेश
विद्यालय के संचालक विजय पारीक ने अपने संबोधन में कहा कि बच्चों के कोमल मन पर हर शब्द का गहरा प्रभाव पड़ता है। उन्होंने आग्रह किया कि बच्चों से नकारात्मक नहीं, बल्कि प्रेरणादायक भाषा में संवाद करें।
उन्होंने कहा —
“बच्चों को डराकर नहीं, प्रोत्साहित कर आगे बढ़ाएं।
यदि हम चाहते हैं कि बच्चे मोबाइल से दूर रहें, तो हमें स्वयं भी संयमित व्यवहार करना होगा।”
भावुक हुए वरिष्ठजन
समारोह के दौरान कई दादा-दादी भावुक हो उठे। उन्होंने कहा कि पहली बार किसी विद्यालय ने उन्हें इस प्रकार सम्मानपूर्वक आमंत्रित कर उनके अनुभवों को मंच दिया है। उनकी आंखों में खुशी के आंसू साफ झलक रहे थे।
कार्यक्रम के समापन पर सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया गया, जिससे वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो गया। इसके पश्चात सभी अतिथियों के लिए विशेष ब्रंच की व्यवस्था की गई, जहां आत्मीय संवाद और स्मृतियों का आदान-प्रदान हुआ।
विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि ऐसे आयोजन केवल उत्सव नहीं, बल्कि पीढ़ियों के बीच संवाद, संस्कार और पारिवारिक मूल्यों की निरंतरता को मजबूत करने का माध्यम हैं।
कार्यक्रम में विजय गाड्या, सुभाष पाटीदार, दीनबंधु पाटीदार, कमल पाटीदार एवं दिनेश पाटीदार सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।