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मनरेगा का नाम बदलने के विरोध में कांग्रेस की पदयात्रा, अर्चना राठौर बोलीं— गरीबों का हक नहीं छिनने देंगे

फर्रुखाबाद। जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के नाम में बदलाव की चर्चाओं के विरोध में कांग्रेस पार्टी ने शुक्रवार को जोरदार पदयात्रा निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया। जिला मनरेगा प्रभारी एवं भोजपुर की पूर्व विधानसभा प्रत्याशी अर्चना राठौर के नेतृत्व में निकली इस पदयात्रा में करीब एक सैकड़ा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
कांग्रेस कार्यकर्ता हाथों में पार्टी के झंडे और तख्तियां लेकर सड़कों पर उतरे। “राहुल गांधी की ललकार, मजदूर मांगेगा अधिकार” जैसे नारों से माहौल गूंज उठा। कार्यकर्ताओं ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर गरीब व मजदूर वर्ग की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि मनरेगा जैसी योजनाएं ग्रामीण गरीबों की जीवनरेखा हैं।
पदयात्रा को संबोधित करते हुए अर्चना राठौर ने कहा कि मनरेगा गरीबों और मजदूरों को सम्मानजनक रोजगार देने वाली महत्वपूर्ण योजना है। इसका नाम बदलना केवल राजनीतिक कदम है, जिसे कांग्रेस किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की नीतियां गरीब और मजदूर विरोधी हैं और कांग्रेस पार्टी सड़क से लेकर संसद तक इस मुद्दे पर संघर्ष करेगी।
इस दौरान लुईस खुर्शीद ने आरोप लगाया कि सरकार मनरेगा का नाम बदलकर गरीबों के अधिकारों पर चोट करना चाहती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी मजदूरों के हक की रक्षा के लिए हर स्तर पर आंदोलन करेगी।
प्रदेश से आए पर्यवेक्षक मनीष दिवेदी ने अर्चना राठौर और स्थानीय कार्यकर्ताओं की सक्रियता की सराहना करते हुए कहा कि पार्टी इस लड़ाई को पूरी मजबूती और एकजुटता के साथ लड़ेगी।
पदयात्रा में शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अंकुर मिश्रा, पुन्नी शुक्ला, मृत्युंजय शर्मा, वीरेंद्र मिश्रा, राजेश राठौर, पियूष राठौर, मुकीम, उस्मान, शिब्बू, शिवम सिंह, सत्यवती कठेरिया, मोना सहित तीन दर्जन से अधिक कांग्रेसजन एवं महिलाएं मौजूद रहीं।
अंत में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार से मनरेगा का नाम बदलने के फैसले को तत्काल वापस लेने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि निर्णय वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

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