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*केंद्र की बीजेपी सरकार द्वारा मनरेगा कानून को खत्म करने पर कांग्रेस का शांति पूर्ण तरीके से गांधीवादी विरोध प्रदर्शन जारी*

भरतपुर / बृजनगर विधानसभा अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी और प्रदेश कांग्रेस कमेटी, राजस्थान व राजीव गांधी पंचायतीराज विभाग,राज.के प्रदेशअध्यक्ष सी बी यादव व असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ.उदित राज और विधि प्रकोष्ठ ,कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप पूनिया के निर्देश पर एडवोकेट अशोक कुमार शर्मा प्रदेश सचिव राजीव गांधी पंचायतीराज विभाग राजस्थान व जिलाध्यक्ष विधिक मानवाधिकार एवं RTI विभाग जिला डीग व असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस जिला डीग के नेतृत्व में नगर विधानसभा के ग्रामपंचायत बुडली और झंझार में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम को हटाकर कांग्रेस समर्थित प्रधानमंत्री स्व.मनमोहन सिंह के कार्यकाल में गांवों की दशाओ को सुधारने और गरीब परिवारों की अर्थव्यवस्था में सुधार कर उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए लागू किए मनरेगा कानून और मनरेगा योजना को खत्म करने का केंद्र की बीजेपी सरकार के निर्णय का शांतिपूर्ण व गांधीवादी तरीके से विरोध प्रदर्शन किया गया कांग्रेस समर्थित यूपीए सरकार के प्रधानमंत्री स्वर्गीय मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्री काल में लागू मनरेगा कानून व योजना की समाप्ति ग्रामीण रोजगार व ग्रामीण और गरीबों की अर्थव्यवस्था और बेहतर जीवन स्तर का अंत केंद्रीय बीजेपी सरकार का एक षड्यंत्र है बीजेपी सरकार के पास गरीब,मजदूरों के लिए कोई योजना नहीं है और न ही बीजेपी सरकार के पास नए कानून और योजना के तहत बेरोजगारों के लिए रोजगार की कोई गारंटी ग्रामपंचायत बुडली और झंझार में चौपालें और जनसंपर्क संग्राम कार्यक्रम के अंतर्गत चौपाल कार्यक्रम आयोजित किए गए और एडवोकेट अशोक कुमार शर्मा ने बताया कि मनरेगा में काम करने का संवैधानिक अधिकार सुनिश्चित था, रोजगार की गारंटी थी, मजदूर को 5 किलोमीटर की स्थानीय सीमा में रोजगार दिया जाता था और 100 प्रतिशत पैसा केंद्र सरकार वहन करती थीं लेकिन अब केंद्र की बीजेपी सरकार ने मनरेगा को खत्म कर जनता के इस कानूनी अधिकार को छीन लिया है अब ग्रामीण रोजगार मिलने की कोई कानूनी गारंटी नहीं रहेगी केंद्र की बीजेपी सरकार द्वारा चुने गए गांव में ही काम मिलेगा अन्यथा सभी गांव में काम नहीं मिलेगा मनरेगा में 100% भुगतान केंद्र सरकार करती थी इसलिए राज्य सरकार बिना किसी चिंता या कठिनाई के काम उपलब्ध करा देती थी लेकिन अब राज्य सरकारों को मजदूरी का 40% हिस्सा खुद देना होगा अतः खर्च बचाने के लिए हो सकता है वो काम ही उपलब्ध ना कराए अब कहां और क्या काम करेंगे, मोदी सरकार अपने पसंदीदा ठेकेदारों के माध्यम से मनमाने ढंग से तय करेगी ,मजदूरी भी केंद्र की बीजेपी सरकार अपनी मर्जी से मनमाने ढंग से तय करेगी तथा न्यूनतम मजदूरी की कोई गारंटी नहीं रहेगी। फसल कटाई के मौसम में काम नहीं मिलेगा।

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