सुलतानपुर: बेलवाई मेले में अव्यवस्थाओं पर फूटा दुकानदारों का गुस्सा, पुलिस की सूझबूझ से थमा विवाद
सुलतानपुर: बेलवाई मेले में अव्यवस्थाओं पर फूटा दुकानदारों का गुस्सा, पुलिस की सूझबूझ से थमा विवाद
सुलतानपुर: जनपद के अखंड नगर थाना क्षेत्र स्थित बेलवाई बाजार के सुप्रसिद्ध भुवनेश्वर महादेव मंदिर में महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर आयोजित होने वाला वार्षिक विशाल मेला इस वर्ष विवादों और आक्रोश के साये में शुरू हुआ। हर वर्ष की तरह इस बार भी मेला तो लगा, लेकिन प्रशासनिक सख्ती और बुनियादी सुविधाओं के अभाव ने दुकानदारों और झूला स्वामियों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं।
परमिट के बावजूद बड़े झूलों पर रोक, दुकानदारों में नाराजगी
मेले में आए व्यापारियों और झूला मालिकों का आरोप है कि उन्हें दुकान लगाने और व्यापार करने में भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। सबसे बड़ा विवाद झूलों के संचालन को लेकर खड़ा हुआ। झूला मालिकों का कहना है कि उनके पास एसडीएम (SDM) द्वारा जारी वैध परमिट मौजूद है, इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर बड़े झूले चलाने की अनुमति नहीं दी गई और केवल छोटे झूलों तक ही सीमित रहने को कहा गया।
दुकानदारों ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए चेतावनी दी कि, "यदि प्रशासन का यही ढुलमुल और नकारात्मक रवैया रहा, तो दूर-दराज से आने वाले व्यापारियों का मेले में आने का मोहभंग हो जाएगा। अव्यवस्थाओं के कारण मेले का आकर्षण खत्म हो रहा है, जिससे भविष्य में इस ऐतिहासिक मेले के अस्तित्व पर संकट मंडरा सकता है।"
पुलिस की सक्रियता: वार्ता से निकला समाधान
तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए अखंड नगर थाना प्रभारी और बेलवाई चौकी इंचार्ज ने पुलिस बल के साथ मेला परिसर का जायजा लिया। अधिकारियों ने संवेदनशीलता दिखाते हुए मेला प्रबंधक और आक्रोशित दुकानदारों के साथ बैठक की।
वार्ता के दौरान पुलिस ने मुख्य कदम उठाए:
सुरक्षा का आश्वासन: पुलिस ने स्पष्ट किया कि बड़े झूलों पर प्रतिबंध केवल सुरक्षा मानकों और संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से है।
समस्याओं का निस्तारण: थाना प्रभारी ने अपनी सूझबूझ से दुकानदारों की अन्य समस्याओं को सुना और मौके पर ही अधिकारियों को व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए।
चाक-चौबंद सुरक्षा: श्रद्धालुओं और व्यापारियों की सुरक्षा के लिए चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की गई है।
पुलिस के ठोस आश्वासन और सकारात्मक रुख के बाद दुकानदारों का गुस्सा शांत हुआ और मेले की गतिविधियां पुनः पटरी पर लौटीं।