कोटा, प्राचीन कालीन कंसुआ कर्णेश्वर शिवमन्दिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, ऐतिहासिक महत्व से जुड़ा है मंदिर।
योगेंद्र सिंह जादौन (फौजी)
कोटा, 15 फरवरी:
कोटा शहर के कंसुआ क्षेत्र में स्थित प्राचीन कर्णेश्वर महादेव मंदिर में आज सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। भक्तों ने भगवान Shiva का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर परिसर "हर हर महादेव" के जयकारों से गूंज उठा।
मंदिर का महत्व
कर्णेश्वर महादेव मंदिर कोटा के सबसे प्राचीन मंदिरों में से एक माना जाता है। यह मंदिर ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। मान्यता है कि यहाँ स्थापित शिवलिंग स्वयंभू (स्वतः प्रकट) है।
मंदिर की वास्तुकला प्राचीन भारतीय शैली को दर्शाती है, जो इतिहास प्रेमियों और श्रद्धालुओं दोनों को आकर्षित करती है। सावन माह और महाशिवरात्रि पर यहाँ विशेष मेले जैसा वातावरण बन जाता है। दूर-दराज़ से श्रद्धालु यहाँ दर्शन के लिए पहुँचते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सच्चे मन से की गई पूजा से मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं। प्रशासन द्वारा भी श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएँ की गई हैं।
धार्मिक आस्था और ऐतिहासिक धरोहर का सुंदर संगम है कर्णेश्वर महादेव मंदिर, जो कोटा की पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है।