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बदनावर कांग्रेस का राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन: किसानों के समर्थन में मुखर हुई आवाज

*बदनावर-धार : AIMA Raju Gajbhiye (Social Media Activist) *
बदनावर -
बदनावर कांग्रेस का राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन: किसानों के समर्थन में मुखर हुई आवाज

बदनावर । ब्लॉक एवं नगर कांग्रेस कमेटी, बदनावर द्वारा महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन प्रेषित कर किसानों के साथ हो रहे कथित अन्याय, वादाखिलाफी एवं विदेशी कृषि-दूध उत्पादों के आयात का विरोध दर्ज कराया गया।
कांग्रेस के नगर अध्यक्ष मुकेश होती ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा कृषि बाजार को विदेशी कंपनियों के लिए खोलना भारतीय किसानों के हितों के विपरीत है। इससे न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति कमजोर होगी, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा भी प्रभावित होगी। उन्होंने कहा कि विदेशों से दुग्ध उत्पादों के आयात से देश के दुग्ध उत्पादक किसानों की रोजी-रोटी पर संकट गहराता जा रहा है, जबकि पहले से ही किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा के आंदोलन के दौरान किसानों को आश्वासन दिए गए थे, लेकिन अब उन वादों से पीछे हटने की स्थिति दिखाई दे रही है। नगर अध्यक्ष ने मध्यप्रदेश सरकार से गेहूं की खरीदी ₹3000 प्रति क्विंटल की दर से सुनिश्चित करने की मांग करते हुए कहा कि प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को त्वरित मुआवजा और बीमा दावों का शीघ्र भुगतान किया जाना चाहिए।
ज्ञापन में राष्ट्रपति से इस गंभीर विषय में हस्तक्षेप कर किसानों को न्याय दिलाने की मांग की गई है। कांग्रेस पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि किसानों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो आगे आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। इस मौके पर परितोष सिंह राठौड़ जिला महासचिव, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अभिषेक टल्ला मोदी, ब्लॉक अध्यक्ष निरंजन सिंह पवार, मुकेश होती नगर अध्यक्ष, घनश्याम सिंह, यशवर्धन सिंह पवार, धनपाल सिंह डोडिया, अतुल बाफना, जितेंद्र जोशी, कृष्णा पवार, विनोद शर्मा, निर्मल वर्मा, अब्दुल खालिद बादशाह, सेरम भाई, ऋतिक रिल, राम सीरवी, मुख्तियार अली, सुरेश भूरिया, आदि कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे। ज्ञापन का वाचन अभिषेक टल्ला मोदी ने किया, जानकारी विधायक प्रतिनिधि कैलाश गुप्ता ने दी।


भारत–अमेरिका ट्रेड डील: 0% बनाम 18% टैरिफ, संतुलन की बड़ी चुनौती

परितोष सिंह राठौर बंजी बना ने बताया की भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड व्यवस्था को लेकर आर्थिक हलकों में चर्चा तेज है। यदि भारत अमेरिकी उत्पादों पर 0% टैरिफ लागू करता है, तो ऑटो, इलेक्ट्रॉनिक्स, कृषि और मेडिकल उपकरण जैसे क्षेत्रों में विदेशी सामान सस्ता हो जाएगा, जिससे घरेलू उद्योगों और MSME ओर शेयर बाजार में संबंधित सेक्टरों पर असर दिखना तय माना जा रहा है।

वहीं यदि अमेरिका भारतीय निर्यात पर 18% टैरिफ बनाए रखता है, तो टेक्सटाइल, फार्मा, आईटी हार्डवेयर और स्टील जैसे क्षेत्रों को झटका लग सकता है। निर्यात महंगा होने से डॉलर की आमद घटेगी, रुपये पर दबाव बढ़ेगा और निर्यात आधारित कंपनियों के शेयरों में गिरावट संभव है।

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