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जामिया तैय्यबा लिलबनात में ख़त्म-ए-बुख़ारी शरीफ़ व रिदा-ए-फ़ज़ीलत समारोह गरिमामय वातावरण में सम्पन्न



मेरठ। क़स्बा अजराड़ा में स्थित प्राचीन दीऩी व आधुनिक शिक्षण संस्थान जामिया तैय्यबा लिलबनात में ख़त्म-ए-बुख़ारी शरीफ़ और रिदा-ए-फ़ज़ीलत का कार्यक्रम बड़े जोश, उत्साह और शानदार इंतज़ाम के साथ आयोजित किया गया। जामिया का सालाना इजलास-ए-आम अत्यंत गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ।

कार्यक्रम की अध्यक्षता मौलाना डॉ. अबुल कलाम ने की। छात्राओं ने हम्द, नात, तकरीरें और संवाद प्रस्तुत कर सभा को रौशन कर दिया। विशेष अतिथि किसी मजबूरी के कारण कार्यक्रम में उपस्थित न हो सके। इस पवित्र अवसर पर जामिया के शैख़ुल हदीस मुफ़्ती मुहम्मद ज़ीशान क़ासमी ने सभी छात्राओं को उस्वा-ए-नबी के अनुसार जीवन व्यतीत करने तथा हज़रत आयशा, ख़दीजा और फ़ातिमा की सीरत को अपनाने की नसीहत की।

जामिया की मैनेजर तैय्यबा ने छात्राओं की रिदा-पोशी की और उन्हें पुरस्कारों से सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन सीनियर शिक्षिका आलिमा रुकैय्या तैय्यबी साहिबा ने किया, जबकि स्वागत तराना आलिमा सबा तैय्यबी साहिबा ने प्रस्तुत किया।

इस अवसर पर जामिया की सभी शिक्षिकाएँ उपस्थित रहीं। कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. वसीम कलाम, क़ारी सऊद, मौलाना सलमान, क़ारी बिलाल, क़ारी मोहसिन, हाफ़िज़ राशिद मसूद, इकराम कुरैशी और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

*जामिया से फ़ारिग़ होने वाली छात्राओं में सलमा रियाज़ुद्दीन निम्मरा अशरफ, अलक़मा आज़ाद, इल्मी मतीन, शमायला गौरी, मुस्कान अशरफ, काशिफ़ा, इंशाअल्लाह, फरहा तस्लीम, फ़िज़ा लताफ़त, अज़रा इरफ़ान, अदीबा बाबू, इल्मी मस्रूर, निशा महबूब, सानिया गुलफ़ाम, लुबना ताहिर, सादिया शेर अली, फ़िज़ा यासीन सहित अन्य छात्राओं के नाम शामिल हैं।*

इस अवसर पर जामिया की पूर्व छात्राओं ने भी बड़ी संख्या में शिरकत की। अंत में जामिया की प्रिंसिपल सालेहीन साहिबा ने सभी मेहमानों का आभार व्यक्त किया, जिसके बाद यह नूरानी महफ़िल सफलता के साथ संपन्न हुई।

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