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महाशिवरात्रि पर प्राचीन शिव मंदिर चेहला मैं लाखों लोगों ने किया जल अभिषेक

खन्ना राज कुमार Manrow।लुधियाना (समराला) के पास स्थित चैहला (Chehlan) का श्री मुक्तेश्वर महादेव मंदिर एक प्राचीन और पौराणिक स्थान है, जो द्वापर युग से संबंधित माना जाता है। यहाँ का स्वयंभू शिवलिंग चमत्कारिक माना जाता है, जिसे 2003 में एक भक्त के सपने के बाद खुदाई में खोजा गया था, और यह सात श्मशानों व नहर के पास एक शांत स्थान पर स्थित है।
चैहला शिव मंदिर का मुख्य इतिहास:
पौराणिक संबंध: मान्यता है कि यह स्थान द्वापर युग से ही भगवान शिव और माता पार्वती से जुड़ा हुआ है।
स्वयंभू शिवलिंग: यहाँ स्थापित महादेव स्वयंभू हैं (स्वयं प्रकट हुए), जो मंदिर के मुख्य आकर्षण हैं।
पुनर्खोज (2003): 2003 में दिल्ली के एक शिव भक्त, बाबा केके बिंदल को सपने में पंचमुखी शिव शंकर के दर्शन हुए। बहुत तलाश के बाद, वह चैहला (समराला) पहुंचे, जहां खुदाई में उनके सपने के अनुसार ही शिवलिंग मिला।
विशिष्ट स्थान: मंदिर की खोज के दौरान 7 श्मशान घाट, एक नहर, एक पुराना किला और एक और शिव मंदिर का पता चला, जो इसकी प्राचीनता की पुष्टि करते हैं।
महत्व: यह स्थान आध्यात्मिक रूप से बहुत शांत है और इसे “मुक्ति धाम” के रूप में भी जाना जाता है।
सेवा: मंदिर समिति गरीब लड़कियों की शादी, रक्तदान शिविर, और असहाय छात्रों की फीस जैसी सामाजिक गतिविधियों में भी सहयोग करती है।
यह मंदिर समराला, लुधियाना (पंजाब) के करीब है और स्थानीय लोगों के लिए गहरी आस्था का केंद्र है।

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