दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में वैज्ञानिक डॉ. डी कर चौधरी ने शॉर्ट टर्म कोर्स का किया उदघाटन
मालवीय मिशन शिक्षण प्रशिक्षण संस्थान दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में शॉर्ट टर्म कोर्स के अन्तर्गत "सतत विकास लक्षण को प्राप्त करने के लिए नवाचार पूर्ण समाधान" शीर्षक के अंतर्गत उद्घाटन सत्र में आदरणीय वाइस चांसलर प्रो पूनम टंडन जी की अध्यक्षता में ऑनलाइन मोड में उद्घाटन हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भूतपूर्व मुख्य वैज्ञानिक डॉ. डी कर चौधरी भारतीय विष विज्ञान अनुसंधान संस्थान, लखनऊ ने बताया कि सतत विकास लक्ष्य को पाने के लिए ड्रोसोफिला का उपयोग बृहद रूप से हो सकता है उन्होंने इस फलमक्खी को "सिंड्रेला ऑफ जेनेटिक्स" नाम से नवाजा। कार्यक्रम के मुख्य समन्वयक डॉ महेंद्र प्रताप सिंह, सहयुक्त आचार्य प्राणी विज्ञान विभाग ने सभी अतिथियों का स्वागत किया तथा कार्यक्रम की प्रस्तावना को प्रस्तुत किया। कार्यक्रम की रूपरेखा और इसमें सम्मिलित किए जाने वाले व्याख्यान के बारे में सह समन्वयक डॉ सुशील कुमार ने बताया।
कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह में निदेशक, एमएमटीसी प्रो चंद्रशेखर जी ने इस कोर्स की उपयोगिता के बारे में प्रकाश डाला तथा प्राणी विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो रविकांत उपाध्याय जी ने कार्यक्रम की सफलता के लिए अपनी शुभकामनाएं दी ।कार्यक्रम में प्रो बिना बत्रा कुशवाहा, प्रो विनय सिंह, प्रो केशव सिंह आदि ने अपने विचार रखें। कार्यक्रम में 100 से भी ज्यादा शिक्षक प्रतिभागी उपस्थित रहे तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉक्टर रजनीश कुमार श्रीवास्तव जी ने दिया। अधिष्ठाता विज्ञान संकाय प्रो अजय सिंह ने कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए सतत जलीय कृषि प्रणाली के द्वारा सतत् विकास लक्ष्य-14 को प्राप्त करने की विधि बताई। सत्र का दूसरा व्याख्यान उत्तराखंड ओपन यूनिवर्सिटी, हल्द्वानी नैनीताल के प्राणी विज्ञान के विभागाध्यक्ष प्रो प्रवेश कुमार सहगल ने सतत विकास लक्ष्य तीन और 11 के लिए रूप कार्य और समकक्ष सतत् रोकथाम के लिए मच्छर के बनावट के आधार पर इसकी रोगों से लड़ने की क्षमता के बारे में बताया गया ।