कोल्ड स्टोरेज प्रदूषण: मजिस्ट्रेट ने पकड़ी गंदगी, प्रदूषण बोर्ड ने दे दी 'क्लीन-चिट'
— आगरा क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी की रिपोर्ट सवालों के घेरे में।
कोल्ड स्टोरेज प्रदूषण: मजिस्ट्रेट ने पकड़ी गंदगी, प्रदूषण बोर्ड ने दे दी 'क्लीन-चिट'
— आगरा क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी की रिपोर्ट सवालों के घेरे में, एनजीटी के आदेशों की अनदेखी का आरोप
आगरा। ताजनगरी के ग्राम पोइया और एत्मादपुर क्षेत्र में कोल्ड स्टोरों द्वारा फैलाए जा रहे प्रदूषण के मामले में उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UPPCB) के क्षेत्रीय कार्यालय की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। क्षेत्रीय अधिकारी अमित मिश्रा द्वारा शासन को भेजी गई ताज़ा रिपोर्ट (पत्रांक 974/2026) ने विभाग के ही पुराने दावों और प्रशासनिक जांचों को ठंडे बस्ते में डाल दिया है।
अधिकारियों की रिपोर्ट में जमीन-आसमान का अंतर
हैरानी की बात यह है कि इसी विभाग ने 22 नवंबर 2025 (पत्रांक 697/698) को उक्त इकाइयों में नियमों का उल्लंघन पाया था और नोटिस जारी किए थे। लेकिन तीन महीने के भीतर ही, बिना किसी ईटीपी (ETP) संयंत्र के, विभाग को सब कुछ 'संतोषजनक' लगने लगा है। वहीं दूसरी ओर, एसडीएम एत्मादपुर ने 6 फरवरी 2026 की अपनी स्थलीय जांच में मौके पर भारी गंदगी और सड़े हुए आलू के जहरीले निस्तारण की पुष्टि की थी।
'फर्जी' गौशाला अनुबंध का सहारा?
प्रदूषण बोर्ड की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सड़े हुए आलू का निस्तारण गौशाला अनुबंध के तहत किया जा रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता और एआईएमए सदस्य मनीष चौहान ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि, "पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत सड़ा आलू पशुओं को खिलाना अपराध है। विभाग केवल भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए कागजी गौशालाओं का सहारा ले रहा है।"
एनजीटी के आदेशों की खुली अवहेलना
माननीय एनजीटी ने 2 अगस्त 2024 को स्पष्ट आदेश दिए थे कि जैविक अपशिष्ट का निस्तारण वैज्ञानिक पद्धति से होगा। लेकिन आगरा क्षेत्रीय कार्यालय की रिपोर्ट में वैज्ञानिक निस्तारण का कोई साक्ष्य नहीं है। सड़े आलू से निकलने वाला जहरीला तरल (Leachate) भू-जल को कैंसरकारी बना रहा है।
लखनऊ मुख्यालय तक पहुँची शिकायत
इस विरोधाभासी रिपोर्ट (पत्रांक 974) के खिलाफ अब लखनऊ मुख्यालय और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में शिकायत दर्ज कराई गई है। मामले में क्षेत्रीय अधिकारी अमित मिश्रा की भूमिका की जांच की मांग की जा रही है।