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श्रीमद् भागवत कथा का अंतिम दिन सुनाई गई श्रीकृष्ण सुदामा चरित्र की कथा

Sanjay shivhare Bhola Pathak
संगीतमय भजनों से झूमे श्रोता*
गोहन(जालौन)
ग्राम शहबाजपुर स्थित दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर परिसर में सामूहिक जन सहयोग से चल रहे श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिवस कथा व्यास गोपाल जी महाराज ने भगवान कृष्ण एवं सुदामा चरित्र की लीलाओं की कथा सुनाकर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।गोपाल जी महाराज ने कहा कि परमात्मा ही परम सत्य है। जब हमारी वृत्ति परमात्मा में लगेगी तो संसार गायब हो जाएगा। प्रश्न यह है कि परमात्मा संसार में घुले-मिले हैं तो संसार का नाश होने पर भी परमात्मा का नाश क्यों नहीं होता।
इसका उत्तर यही है कि भगवान संसार से जुड़े भी हैं और अलग भी हैं। आकाश में बादल रहता है। और बादल के अंदर भी आकाश तत्व है। बादल के गायब होने पर भी आकाश गायब नहीं होता। इसी तरह संसार गायब होने पर भी परमात्मा गायब नहीं होते। संसार की कोई भी वस्तु भगवान से अलग नहीं है।
था व्यास ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने गोपियों के घरों से माखन चोरी की। इस घटना के पीछे भी आध्यात्मिक रहस्य है। दूध का सार तत्व माखन है। उन्होंने गोपियों के घर से केवल माखन चुराया अर्थात सार तत्व को ग्रहण किया और असार को छोड़ दिया।
प्रभु हमें समझाना चाहते हैं कि सृष्टि का सार तत्व परमात्मा है। इसलिए असार यानी संसार के नश्वर भोग पदार्थों की प्राप्ति में अपने समय, साधन और सामर्थ को अपव्यय करने की जगह हमें अपने अंदर स्थित परमात्मा को प्राप्त करने का लक्ष्य रखना चाहिए। इसी से जीवन का कल्याण संभव है।इस मौके पर भागवत कथा के संरक्षक श्री शिवदयाल महाराज, परीक्षित साहब सिंह,गौरव राठौर,राजपाल सिंह,सुरेंद्र परिहार,अभिषेक दीक्षित,इंद्रपाल चौहान,विकास,रामपाल सिंह जितेंद्र यादव,सौरभ चौहान,गोपाल द्विवेदी,सहित सैकड़ों की संख्या में महिला पुरुष श्रद्धालु मौजूद रहे|

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