logo
Select Language
Hindi
Bengali
Tamil
Telugu
Marathi
Gujarati
Kannada
Malayalam
Punjabi
Urdu
Oriya

सेवा-समरसता का संदेश: संत रामपाल जी महाराज का 39वां बोध दिवस भव्य रूप से सम्पन्न,

भक्तों ने सेवा-समरसता का संदेश: संत रामपाल जी महाराज का 39वां बोध दिवस भव्य रूप से सम्पन्न,

*धार ब्यूरो - विजय गिरवाल*

*पीथमपुर*। संत रामपाल जी महाराज के 39वें बोध दिवस के अवसर पर सतलोक आश्रम किठोदा में तीन दिवसीय विशाल आध्यात्मिक समागम का आयोजन किया गया। 15 से 17 फरवरी तक चले इस आयोजन में औद्योगिक नगरी पीथमपुर के भक्तों ने भी भाग लिया इस आयोजन में संपूर्ण भारत सहित विदेशों में स्थापित 13 सतलोक आश्रमों में श्रद्धालुओं का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ा।

इंदौर स्थित किठोदा आश्रम में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में शासन-प्रशासन, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों एवं पत्रकारों की गरिमामयी उपस्थिति रही। मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय से जुड़े अतिथियों ने संत जी द्वारा चलाए जा रहे समाज सुधार अभियानों की सराहना की।

*समारोह के दौरान संत जी के अनुयायियों द्वारा विभिन्न सामाजिक अभियानों को प्रमुखता दी गई* — नशा मुक्त भारत अभियान,दहेज प्रथा उन्मूलन,सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध जागरूकता,अन्नपूर्णा मुहिम,रोटी, कपड़ा, शिक्षा, चिकित्सा और मकान का संकल्प,शास्त्रानुकूल सत साधना का प्रचार

*कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण* दहेज-मुक्त (रमैणी) विवाह रहे, जो मात्र कुछ मिनटों में सादगी के साथ सम्पन्न हुए। इसके साथ ही सैकड़ों यूनिट रक्तदान किया गया तथा कई श्रद्धालुओं ने देहदान संकल्प पत्र भरे। बड़ी संख्या में लोगों ने निःशुल्क नामदीक्षा भी ग्रहण की।

*सेवा और समरसता की अनोखी झलक*
तीन दिवसीय महोत्सव में विशाल भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें जाति-धर्म और ऊँच-नीच से ऊपर उठकर श्रद्धालु एक पंक्ति में बैठकर प्रसाद ग्रहण करते नजर आए। निःशुल्क चिकित्सा जांच, नेत्र जांच शिविर और नशा मुक्ति अभियान भी आयोजित किए गए।

*पीथमपुर की सेवादार भक्तमति कविता शर्मा ने बताया कि संत जी का संदेश* —
“अब सुखी होगा हर इंसान, धरती बनेगी स्वर्ग समान”
समाज में आध्यात्मिक जागृति और मानव एकता का संदेश दे रहा है।

पूरे आयोजन में अनुशासन, स्वच्छता और शांतिपूर्ण व्यवस्था देखने को मिली तथा तीन दिवसीय बोध दिवस महोत्सव सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।

0
0 views

Comment