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क्षेत्र में फैला ज़हरीला पानी उद्योगों पर चुप प्रशासन ? फेल रही बीमारी, पशु मौत और खेती बर्बादी का खतरा,*

*पीथमपुर में ज़हरीला पानी उद्योगों पर चुप प्रशासन ?क्षेत्र में बीमारी, पशु मौत और खेती बर्बादी का खतरा,*

*धार ब्यूरो - विजय गिरवाल*
पीथमपुर की औद्योगिक चमक के पीछे एक कड़वी सच्चाई सामने आ रही है…
ग्राम सागौर के रहवासियों ने एसडीएम और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया है कि कई फैक्ट्रियां बिना शोधन के केमिकल युक्त पानी सीधे नदी-नालों में छोड़ रही हैं…
जिससे गांव में बीमारी, पशु मौत और खेती बर्बादी का खतरा मंडरा रहा है…
सबसे बड़ा सवाल — शिकायतों के बाद भी प्रशासन अब तक चुप क्यों?

औद्योगिक नगरी पीथमपुर के सागौर क्षेत्र में रहने वाले ग्रामीणों का कहना है कि सेक्टर-3 के पास स्थित कई कंपनियां — *प्रतिभा सेंटेक्स, सांची केमिकल,अग्रवाल कंपनी और अन्य उद्योग — कारखानों से निकलने वाला केमिकल युक्त अपशिष्ट सीधे नदी में बहा रहे हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक पानी का रंग बदल चुका है… बदबू फैलती है… और आसपास का पर्यावरण तेजी से खराब हो रहा है।

*इस प्रदूषण का असर अब गांव की जिंदगी पर साफ दिखाई देने लगा है।*
पशु बीमार पड़ रहे हैं कई मौतें भी हो चुकी हैं…
बरसात में यही जहरीला पानी खेतों में पहुंचकर फसलें बर्बाद कर देता है और गर्मी में इसकी गैस से सांस और त्वचा रोग बढ़ने लगे हैं।
ग्रामीण विजय चौहान ने बताया कि हम कई बार शिकायत कर चुके हैं… लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई… हमारे बच्चों की सेहत खतरे में है… अगर यही चलता रहा तो गांव रहने लायक नहीं बचेगा…”

*ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है* सागौर क्षेत्र में गंभीर नदी और भू-जल की जांच हो,
दोषी उद्योगों पर कार्रवाई हो,
और प्रभावित किसानों को मुआवजा दिया जाए।

अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन कार्रवाई करता है… या फिर औद्योगिक विकास के नाम पर गांवों की सेहत यूं ही दांव पर लगती रहेगी…

स्थान - पीथमपुर
संवाददाता - विजय गिरवाल
7067405905

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