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छोटे छोटे नाबालिक बच्चो से मजदूरी करवाने का विडिओ बना करके किया था डीएम रविश गुप्ता बस्ती को शिकायत की पंजीकरण संख्या 2559 /सी० सी०

शिकायत यह था ......की ग्राम अरजानीपुर में गजराज वर्मा के घर से उदय राज वर्मा के खेत तक आरसीसी निर्माण के कार्य
में छोटे छोटे नाबालिक बच्चो से मजदूरी करवाने को लेकर के शिकायत कर्ता ने छोटे छोटे नाबालिक
बच्चो से मजदूरी करवाने का विडिओ बना करके किया था डीएम रविश गुप्ता बस्ती को शिकायत
की पंजीकरण संख्या 2559 /सी० सी० दिनांक 06/06/2025 में विडिओ को देखकर उसके आधार पर
आदेश किया गया था की मुक़दमा पंजीकृत करके उचित कारवाही करने की कृपा करे श्रम विभाग लेकिन
डीएम बस्ती के आदेश को भी नहीं माना गया और देषवश विडिओ बना कर किया गया है और रिपोर्ट लगा
कर निस्तारित कर दिया गया इसके सन्दर्भ में उच्च अस्तरीय टीम गठित कर जांच करवाया जाना बहुत ही
जरुरी हो गया है जिससे भ्रस्टाचारीयो का खुलासा हो सके और हमें न्याय मिल सके ।

जिसके कारण.........हम शिकायत कर्ता और हमारे परिवार पर बार बार विपक्षी और उनके सगे सम्बन्धी के द्वारा जान
से मरने की धमकी व कोशिश व साजिश और मार पीट करते रहते है ।


शिकायत कर्ता का मांग--------आपको अवगत करना है की नाबालिक बच्चो से कार्य कराया जाना "बाल एवं किशोर श्रम
(प्रतिषेध एवं विनियमक) अधिनियम -1986 " के तहत कारवाही किया जाना अत्यंत जरुरी हो गया है ।
इसमें सभी अधिकारी इनको नहीं दिखाई दे रहा है की जब शिकायत कर्ता का शिकायत सत्य पाया गया
तो श्रम विभाग व डीएम,क्यों नहीं कर रहे है । अपने पवार का इस्तेमाल कर आदेश किया जाए मुक़दमा
पंजीकृत कर कारवाही किया जाए जिससे भ्रस्टाचारी का पता हो सके आखिर में जो काम हम कर रहे है
वो काम अधिकारी को करना चाहिए वो करते ही नहीं है हर जगह रिश्वत खोरी है जिसके कारण हमारे
द्वारा आठ महीने से किया गया शिकायत पर अभी तक न तो कोई कारवाही की गई है लीगल आदेश जारी
किया गया है आदरणीय माननीय मुख्यमंत्री जी ग्राम अरजानीपुर के laxmi (प्रधान ) व इनके पति लालमन
कन्नौजिया और हमारे गांव के ही आरसीसी निर्माण के ठेकेदार शिवमूरत वर्मा व उनके भाई गजराज वर्मा
पर मुक़दमा पंजीकृत करने का लीगल आदेश जारी करने का मांग के संबंध में प्रस्तुत कर रहा हूँ।

यह शिकायत-----------
द्वारा मानवीय आधार एवं जनहित के उद्देश्य से,
प्रार्थी की ओर से प्रस्तुत की जा रही है।

उक्त प्रकरण में
मेरे द्वारा आपके यहाँ शिकायत संख्या –2559 /सी० सी० दिनांक 06/06/2025 को दर्ज कराई गई थी,
जिसके आधार पर
अभी तक कोई कारवाही नहीं किया गया है अगर शिकायत सत्य है तो देषवश विडिओ बना कर किया गया ये
शब्द कह करके मेरे द्वारा किये गए शिकायत को निस्तारण कर दिया जाना कहा का न्याय है ये तो बहुत ही हमारे
साथ अन्नय किया जा रहा है अगर ये होता रहेगा तो कोई भी शिकायत क्यों करेगा जब न्याय मिलना ही नहीं है
तो अधिकारी अपने मन का ही करेगा और तक भरस्टचारी ऐसे चलता ही रहेगा ।

यह निर्विवाद तथ्य है कि:

प्रशासन के शाशन द्वारा स्वयं
हमारी शिकायत पर प्रथम दृष्टया सही पाया गया,

टीम श्रम विभाग द्वारा मौके पर जांच किया गया और सही भी पाया गया नाबालिक बच्चो के गार्जियन द्वारा बताया
भी गया है की हमारे न जानकारी में ये कार्य करवाया गया है जानकारी होने पर तत्काल माना किया गया है ।






........................ इसके बावजूद,
यह अत्यंत गंभीर प्रश्न है कि:

1---जब शिकायत कर्ता अभिषेक गुप्ता की शिकायत सही था ।
2---जब शिकायत कर्ता द्वारा कार्यस्थल पर किये गए कार्य का विडिओ था ।
3---जब नाबालिक बच्चो के गार्जियन द्वारा बयान में साफ कहा गया है की हमारे न जानकारी में ये कार्य करवाया गया है ।
4 ---जब श्रम विभाग के सहायक कमिशनर ने शिकायत कर्ता को कारवाही करने का दिया था अस्वाशन ।
5---जब न्याय मिलता ही नहीं है तो अधिकारयों का काम है ।
6---जब प्रशासन ने स्वयं नाबालिक बच्चो से आरसीसी निर्माण के कार्य को स्वीकार किया ।
7---जब संयुक्त टीम गठित कर कार्रवाई की गई,
8---जब शिकायतकर्ता के साथ जॉनी दुश्मनी तक हो गई,

तो आज दिनांक तक नाबालिक बच्चो से कार्य कराया जाना "बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमक)
अधिनियम -1986 " के तहत कारवाही का अंतिम आदेश क्यों पारित नहीं किया गया?

यह स्थिति:

प्रशासनिक / क़ानूनी लापरवाही,

आदरणीय माननीय मुख्यमंत्री जी को अप्रत्यक्ष संरक्षण,

तथा कानून के सम्मान प्रयोग में विफलता

को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।

उल्लेखनीय है कि
टीम की कार्रवाई के समय ही
विपक्षीगण
.
द्वारा
प्रार्थी और उसके भाई के ऊपर जानलेवा हमला किया गया,
जिससे यह सिद्ध होता है कि
नाबालिक बच्चो से कार्य कराया जाना "बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमक) अधिनियम -1986 की प्रक्रिया को
हिंसा के माध्यम से बाधित किया गया।

इसके बावजूद:

न तो मुक़दमा पंजीकृत किया गया,
जब की श्रम विभाग द्वारा नोटिस के जरिये हम शिकायत कर्ता को बता दिया गया था
की श्रम की रिपोर्ट के बाद उसका जबाब मिलने के
बाद उचित कारवाही की जायेगी।

जब की श्रम विभाग विपक्षियों से मिलकर के आख्या जरिये प्रेरित कर दिया गया है

लेकिन अभी तक न ही अंतिम कारवाही आदेश पारित किया गया,और न कोई कारवाही
करवाया जा रहा है।

और न ही पीड़ित को कोई प्रभावी सुरक्षा प्रदान की गई।

अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि:

शिकायत संख्या पंजीकरण संख्या 2559 /सी० सी० दिनांक 06/06/2025
पर की गई समस्त विभागीय कार्यवाही की
उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।

यह स्पष्ट किया जाए कि
"बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमक) अधिनियम -1986 पाए जाने के बावजूद
आज तक आदेश पारित क्यों नहीं किया गया।

"बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमक) अधिनियम -1986
पर कराने हेतु सक्षम प्राधिकारी को निर्देश दिए जाएँ।

सरकारी अधिकारी और दोषियों के विरुद्ध कठोर आपराधिक
कार्यवाही सुनिश्चित की जाए ।

प्रार्थी / शिकायतकर्ता व परिवार को
उचित पुलिस सुरक्षा प्रदान की जाए।

यह शिकायत पूर्णतः
कानून के शासन, जनहित एवं पीड़ित की सुरक्षा
के उद्देश्य से प्रस्तुत की जा रही है ।

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