बागमती बांध पर टकराव तेज: छठे दिन भी आमरण अनशन जारी, विधायक ने कहा—जनहित से समझौता नहीं
गायघाट (मुजफ्फरपुर) ।
बागमती बांध निर्माण को लेकर क्षेत्र में टकराव की स्थिति गहराती जा रही है। चासवास जीवन बचाओ बागमती संघर्ष मोर्चा के बैनर तले चल रहा आमरण अनशन छठे दिन भी जारी रहा, जहां आंदोलनकारियों ने सरकार को सीधी चेतावनी देते हुए कहा कि बिना समीक्षा इस “विनाशकारी” परियोजना को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
इसी बीच धरनास्थल पर पहुंचीं स्थानीय विधायक कोमल सिंह ने आंदोलनकारियों से सीधी बात की और पूरे मामले की विस्तृत जानकारी ली। माहौल पूरी तरह आक्रोशपूर्ण रहा, जहां लोगों ने संभावित विस्थापन और नुकसान को लेकर कड़ी नाराजगी जताई।
मोर्चा के संयोजक जितेन्द्र यादव ने साफ शब्दों में कहा कि यह परियोजना साठ के दशक की पुरानी और पूरी तरह अवैज्ञानिक है, जिसे वर्तमान परिस्थितियों में लागू करना क्षेत्र के लिए विनाशकारी साबित होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि बांध बनने से सैकड़ों गांव डूब क्षेत्र में आ जाएंगे और हजारों परिवारों को उजड़ना पड़ेगा।
उन्होंने सरकार से मांग की कि तत्काल उच्चस्तरीय रिव्यू कमिटी बनाकर परियोजना की पुनर्समीक्षा कराई जाए। साथ ही दो टूक कहा कि अगर सरकार बांध निर्माण पर आगे बढ़ती है, तो पहले प्रभावित लोगों को जमीन देकर उनका पूर्ण पुनर्वास सुनिश्चित करना होगा, अन्यथा आंदोलन और उग्र होगा।
विधायक कोमल सिंह ने आंदोलनकारियों की बातों को गंभीरता से सुनते हुए सख्त रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनभावनाओं की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस मुद्दे को सदन में मजबूती से उठाया जाएगा और सरकार तक हर एक पीड़ा को पहुंचाकर न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।
विधायक ने कहा कि विकास जरूरी है, लेकिन विकास के नाम पर लोगों को उजाड़ना स्वीकार्य नहीं है। मौके पर प्रखंड प्रमुख श्रवण कुमार सिंह, रंजीत सिंह, ठाकुर देवेन्द्र सिंह, नवल सिंह, राहुल यादव आदि मौजूद थे.