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बागोरा में घटिया निर्माण पर फूटा गुस्सा दो महीने बाद भी नहीं सुधरी स्कूल की छत, ग्रामीणों ने दी कलेक्ट्रेट घेराव की चेतावनी

बागोरा में घटिया निर्माण पर फूटा गुस्सा

दो महीने बाद भी नहीं सुधरी स्कूल की छत, ग्रामीणों ने दी कलेक्ट्रेट घेराव की चेतावनी

पहाड़ों की नगरी/खंडार

सवाई माधोपुर जिले में जर्जर स्कूल भवनों की मरम्मत के लिए स्वीकृत बजट से चल रहे कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्राम पंचायत कुरेड़ी के बागोरा स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, बागोरा की छत मरम्मत में घटिया मेटेरियल के उपयोग का मामला सामने आने के बाद भी दो महीने तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में जबरदस्त आक्रोश है।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द गुणवत्तापूर्ण मरम्मत नहीं करवाई गई तो वे जिला कलेक्ट्रेट का घेराव करेंगे।

24 दिसंबर को खुली पोल, हाथ लगाते ही उखड़ा मेटेरियल

दिसंबर 2025 में विद्यालय की छत की मरम्मत करवाई गई थी। 24 दिसंबर को जब ग्रामीणों को गुणवत्ता पर संदेह हुआ तो वे विद्यालय पहुंचे और विरोध जताया। ग्रामीणों ने मरम्मत की गई छत पर हल्का प्रहार कर मेटेरियल हटाया तो प्लास्टर आसानी से उखड़ गया। इससे स्पष्ट हो गया कि मरम्मत केवल लीपापोती तक सीमित थी।
वार्ड पंच राजू माली सहित ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ठेकेदार ने मापदंडों को ताक में रखकर घटिया सामग्री से काम किया। शिक्षा विभाग के अधिकारियों और एईएन ने दोबारा गुणवत्तापूर्ण मरम्मत कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन दो महीने बाद भी स्थिति जस की तस है।

“जिम्मेदार मौन, छत ठंडे बस्ते में”

ग्रामीणों का कहना है कि मामले के उजागर होने के बाद भी न तो शिक्षा विभाग का कोई अधिकारी पुनः निरीक्षण करने आया और न ही एईएन ने दोबारा मौका देखा। आरोप है कि कार्रवाई के बजाय पूरे मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।

ग्रामीणों ने साफ कहा—“घटिया निर्माण के सिस्टम को रोको, नहीं तो आंदोलन होगा।”

बच्चों की पढ़ाई निजी मकान में
विद्यालय के कार्यवाहक हेडमास्टर राजमल जाट ने बताया कि विद्यालय में सुरक्षित कमरे उपलब्ध नहीं हैं। मजबूरी में ग्रामीणों के सहयोग से कुछ कक्षाओं का संचालन निजी मकान में कराया जा रहा है, तभी शिक्षण कार्य चल पा रहा है।
उन्होंने कहा कि छत मरम्मत में घटिया सामग्री उपयोग की जानकारी उच्च अधिकारियों को लिखित में दे दी गई है, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है।

ग्रामीणों की दो टूक चेतावनी

ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि क्षेत्र के स्कूलों में घटिया निर्माण पर तत्काल रोक नहीं लगी और बागोरा विद्यालय की छत का पुनः गुणवत्तापूर्ण मरम्मत कार्य शुरू नहीं हुआ तो वे जिला कलेक्ट्रेट का घेराव कर आंदोलन करेंगे।
मुख्य सवाल: जर्जर स्कूलों की मरम्मत में मानकों की अनदेखी की जा रही है निरीक्षण प्रणाली सिर्फ कागजों तक सीमित है?
बच्चों की सुरक्षा से आखिर कब तक होगा समझौता
अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी कब जागते हैं और स्कूल की छत के साथ बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए क्या कदम उठाते

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